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यूएन का बड़ा सम्मान: भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक बनीं ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर 2025’

Published on: June 5, 2026
UN's big honour Indian Army
द  देवरिया न्यूज़,न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘2025 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार के लिए चुना है। यह सम्मान उन्हें लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के तहत तैनाती के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, सामुदायिक विकास और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रदान किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस’ समारोह के दौरान मेजर बराक को यह सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार उन सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने शांति अभियानों के दौरान लैंगिक समानता और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में लेबनान में भारतीय बटालियन की फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में उन्होंने स्थानीय महिलाओं और लड़कियों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों से जोड़ा। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए उन्होंने कई जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए।

संयुक्त राष्ट्र ने अपने बयान में कहा कि मेजर बराक ने उन सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनके कारण कई स्थानीय महिलाएं शांति मिशनों से जुड़ नहीं पा रही थीं। उनके नेतृत्व में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों, शैक्षिक कार्यशालाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों से हजारों महिलाओं और युवतियों को लाभ मिला।

इसके अलावा मेजर बराक ने संयुक्त राष्ट्र के सैन्य कर्मियों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शांति अभियानों में लैंगिक दृष्टिकोण को मजबूत करना और महिलाओं की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझना था। उनके प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावशाली और प्रेरणादायक बताया है।

मेजर अभिलाषा बराक का नाम भारतीय सेना में पहले से ही एक ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए जाना जाता है। वर्ष 2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने 2022 में नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट बनने का गौरव हासिल किया था।

उनकी यह नई उपलब्धि न केवल भारतीय सेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मेजर बराक की सफलता भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का मजबूत उदाहरण है।

संयुक्त राष्ट्र का यह सम्मान भारत की शांति स्थापना में सक्रिय भूमिका और महिला सैनिकों के उत्कृष्ट योगदान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना भी माना जा रहा है। मेजर अभिलाषा बराक की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और महिलाओं को सैन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।



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