Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

चीन-रूस की संयुक्त हवाई गश्त से बढ़ा पूर्वी एशिया में तनाव, जापान और दक्षिण कोरिया ने भेजे लड़ाकू विमान

Published on: June 29, 2026
no-russia united air

द  देवरिया न्यूज़,टोक्यो : चीन और रूस ने दक्षिण एवं पूर्वी चीन सागर के ऊपर संयुक्त रणनीतिक हवाई गश्त (Joint Air Patrol) की, जिसके दौरान दोनों देशों के सैन्य विमानों ने जापान और दक्षिण कोरिया के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में प्रवेश किया। इस घटना के बाद जापान और दक्षिण कोरिया ने तत्काल अपने लड़ाकू विमान तैनात किए। हालांकि, दोनों देशों के फाइटर जेट पहुंचने से पहले ही चीनी और रूसी विमान क्षेत्र से वापस लौट गए।

चीन ने संयुक्त गश्त की पुष्टि की

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) ने संयुक्त गश्त की पुष्टि करते हुए कहा कि मिशन जापान सागर, पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र से होकर गुजरा। चीन के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों की समन्वित क्षमता का प्रदर्शन करना था। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 के बाद यह चीन और रूस का 11वां संयुक्त हवाई गश्ती अभियान है और वर्ष 2026 का पहला संयुक्त मिशन माना जा रहा है।

जापान ने की गतिविधियों की निगरानी

जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने चीनी H-6 बमवर्षक और रूसी Tu-95 रणनीतिक बमवर्षक विमानों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।

मंत्रालय के अनुसार, इन विमानों के साथ:

  • चीनी J-16 लड़ाकू विमान
  • रूसी Tu-142 समुद्री गश्ती विमान
  • रूसी Su-30 लड़ाकू विमान भी उड़ान भर रहे थे।

जापानी अधिकारियों ने बताया कि कुछ विमान मियाको जलडमरूमध्य से होकर गुजरे, जो ओकिनावा और मियाको द्वीपों के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण सामरिक समुद्री मार्ग है।

दक्षिण कोरिया ने दर्ज कराया विरोध

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन और रूस के करीब 10 सैन्य विमान कुछ समय के लिए कोरियाई एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में दाखिल हुए और बाद में लौट गए।दक्षिण कोरियाई वायुसेना ने विमानों की पहले ही पहचान कर ली थी और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए लड़ाकू विमान तैनात कर दिए।

चीन और रूस के अधिकारियों को किया तलब

समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोल स्थित चीन और रूस के दूतावासों के सैन्य अधिकारियों को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। दक्षिण कोरिया ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

हाल के वर्षों में चीन और रूस के बीच रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास और हवाई गश्त करते हैं। इन अभियानों के दौरान कई बार उनके सैन्य विमान जापान और दक्षिण कोरिया के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में प्रवेश करते हैं।

हालांकि, ADIZ किसी देश की संप्रभु हवाई सीमा नहीं होता, बल्कि सुरक्षा निगरानी के लिए निर्धारित क्षेत्र होता है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियां अक्सर क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक विरोध का कारण बनती हैं।


इसे भी पढ़ें : पाकिस्तान पर कर्ज का पहाड़ : 81.93 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सरकारी ऋण, अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Active again during Amarnath Yatra

अमरनाथ यात्रा के दौरान फिर सक्रिय होगी NDMA की मोबाइल अलर्ट सेवा, यात्रियों को मिलेगा रियल-टाइम आपदा अलर्ट

Seychelles' highest honour for PM

सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान पीएम मोदी को, ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से किया गया सम्मानित

Major crackdown on the press in Uganda

युगांडा में प्रेस पर बड़ी कार्रवाई, राष्ट्रपति के बेटे ने दो प्रमुख मीडिया संस्थानों को बंद करने का दिया आदेश

'I will return to Bangladesh this year.'

‘इसी साल बांग्लादेश लौटूंगी’, पूर्व पीएम शेख हसीना का बड़ा ऐलान; अदालत के फैसले को बताया राजनीतिक

Barhaj police [investigated] two thefts.

बरहज पुलिस ने दो चोरी की घटनाओं का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

RSS celebrated in Deoria

देवरिया में आरएसएस ने मनाया हिंदू साम्राज्य दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

Leave a Reply

error: Content is protected !!