कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन को प्रभावी, सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाया जाए, ताकि किसानों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा, जहां आधुनिक तकनीकों, नई कृषि नीतियों और नवाचारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी, अपर निदेशक कृषि रक्षा श्री आशुतोष मिश्र, अपर निदेशक प्रसार श्रीमती कनीज फातिमा, अपर निदेशक श्री अनिल पाठक, अपर निदेशक श्री आर.के. मौर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी और आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए।
मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने जोर दिया कि सम्मेलन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें नई तकनीकों, योजनाओं और सरकारी पहलों की जानकारी सरल तरीके से दी जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन प्रदेश के कृषि विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, किसानों की भागीदारी और विभिन्न सत्रों के आयोजन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि 24 अप्रैल को होने वाला यह सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।