द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : गुजरात के बाद अब दिल्ली में भी देश का दूसरा बैरियर-लेस टोल प्लाजा शुरू हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) तकनीक से लैस टोल प्रणाली का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा भारत का दूसरा ऐसा टोल बन गया है, जहां वाहनों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि यह नई तकनीक यात्रियों का समय बचाने, ट्रैफिक जाम कम करने और ईंधन की खपत घटाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में देशभर के कई टोल प्लाजा को इसी तकनीक से जोड़ा जाएगा।
देश में कहां शुरू हुई थी पहली बैरियर-लेस टोलिंग?
भारत में बैरियर-लेस टोलिंग की शुरुआत इसी साल गुजरात से हुई थी। 1 मई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH-48) के सूरत-भरूच सेक्शन पर स्थित ‘चोरयासी’ टोल प्लाजा का उद्घाटन किया था। यह देश का पहला MLFF तकनीक आधारित टोल प्लाजा बना था।
अब दिल्ली का मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा दूसरा ऐसा टोल बन गया है, जहां बिना रुके टोल कटेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस तकनीक को तेजी से देशभर में लागू करने की तैयारी कर रहा है।
क्या है MLFF यानी मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक?
MLFF यानी मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक पारंपरिक टोल प्लाजा व्यवस्था से पूरी तरह अलग है। इस तकनीक में सड़क पर कोई फिजिकल बैरियर नहीं होता। वाहन सामान्य गति से गुजरते रहते हैं और टोल अपने आप कट जाता है।
इसके लिए सड़क के ऊपर बड़े ओवरहेड फ्रेम लगाए जाते हैं, जिनमें हाईटेक कैमरे और सेंसर लगे होते हैं। ये सेंसर वाहन के FASTag और नंबर प्लेट को स्कैन कर रीयल-टाइम में टोल राशि काट लेते हैं।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि टोल प्लाजा पर लंबी कतारें नहीं लगेंगी और वाहन चालकों को रुकना नहीं पड़ेगा। इससे यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी।
अगले चरण में कहां-कहां शुरू होगी यह सुविधा?
एनएचएआई ने पूरे देश में बैरियर-लेस टोलिंग लागू करने का रोडमैप तैयार किया है।
सितंबर 2026 तक:
देश के 9 राज्यों में 17 टोल प्लाजा को बैरियर-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और असम शामिल हैं।
मार्च 2027 तक:
दूसरे चरण में 108 से अधिक अतिरिक्त टोल प्लाजा को MLFF तकनीक से जोड़ा जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का अनुभव बेहतर बनेगा।
समय पर भुगतान नहीं किया तो लगेगा जुर्माना
एनएचएआई ने साफ किया है कि MLFF टोलिंग में वाहन चालकों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि किसी कारण से टोल राशि तुरंत नहीं कटती है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।
- 72 घंटे के भीतर भुगतान करने पर सामान्य टोल राशि लगेगी।
- 72 घंटे के बाद भुगतान करने पर दोगुना शुल्क देना होगा।
एनएचएआई के मुताबिक, कई बार लोगों को बाद में अधिक कटौती दिखाई दे सकती है। यह अतिरिक्त राशि सड़क उपयोग के लिए नहीं बल्कि विलंब शुल्क या पेनल्टी होती है।
डबल चार्ज से बचने के लिए क्या करें?
वाहन चालकों को परेशानी से बचाने के लिए एनएचएआई ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
- FASTag हमेशा एक्टिव रखें।
- FASTag वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।
- वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) जरूर लगी हो।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले संदेश और नोटिफिकेशन नियमित रूप से चेक करें।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई बैरियर-लेस टोल व्यवस्था से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लाखों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। टोल पर रुकने की जरूरत खत्म होने से समय की बचत होगी और ईंधन की खपत भी कम होगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार देश में आधुनिक और स्मार्ट सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। MLFF तकनीक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में देशभर के राजमार्गों पर लागू की जाएगी।
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