Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

संसद हमले की 24वीं बरसी: शहीद सुरक्षाकर्मियों को राष्ट्र ने किया नमन, शीर्ष नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

Published on: December 14, 2025
24th anniversary of Parliament attack
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली: संसद भवन पर हुए आतंकी हमले की आज 24वीं बरसी है। इस मौके पर पूरा देश उन वीर सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धा से याद कर रहा है, जिन्होंने वर्ष 2001 में अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा की थी। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और शौर्य को स्मरण करने का है। उन्होंने कहा कि 2001 में संसद भवन पर हुए कायराना हमले को जवानों ने अपने जज्बे से नाकाम किया और आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। राष्ट्र उनके त्याग और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संसद पर हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के दौरान अटूट ढाल बनकर खड़े रहने वाले बहादुर सुरक्षाकर्मियों को वह दिल से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि जवानों ने लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और उनका साहस हमेशा देश को प्रेरणा देता रहेगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 2001 में संसद पर हुए दुस्साहसी आतंकी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि-कोटि नमन है। उनका बलिदान भारत हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह दिन देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर वर्ष संसद परिसर में शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है, क्योंकि इन्हीं बहादुरों ने अपने प्राण देकर लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा की थी।

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी शहीदों को याद करते हुए कहा कि यह दिन संसदीय इतिहास का बेहद दुखद दिन है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और संसद के स्टाफ ने अदम्य साहस दिखाते हुए आतंकियों का मुकाबला किया और लोकतंत्र पर हुए हमले को विफल किया। इसी कारण हर वर्ष यह शहीदी दिवस मनाया जाता है और देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है।


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!