भारत 78वें स्थान पर
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 78वें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय पासपोर्ट धारक अब 56 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं।
हालांकि, फरवरी 2026 की रैंकिंग में भारत 75वें स्थान पर था, यानी इस बार भारत तीन पायदान नीचे खिसका है। फिर भी 2024 की तुलना में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति बेहतर मानी जा रही है, जब भारत 80वें नंबर पर था।
पाकिस्तान 100वें नंबर पर पहुंचा
पाकिस्तान का पासपोर्ट इस बार गिरकर 100वें स्थान पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी नागरिकों को केवल 30 देशों में वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल या ई-ट्रैवल अथॉरिटी की सुविधा मिलती है।
सिंगापुर सबसे ताकतवर पासपोर्ट
इंडेक्स में सिंगापुर पहले स्थान पर बना हुआ है। सिंगापुर का पासपोर्ट धारकों को 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री देता है। इसके बाद जापान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जहां के नागरिक 187 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। स्वीडन तीसरे स्थान पर है, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देश भी शीर्ष रैंकिंग में शामिल हैं। सबसे कमजोर पासपोर्ट अफगानिस्तान का माना गया है।
भारतीय पासपोर्ट पर वीजा-फ्री यात्रा वाले प्रमुख देश
भारतीय नागरिक जिन देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- भूटान
- नेपाल
- मलेशिया
- मॉरिशस
- थाईलैंड
- फिलीपींस
- कजाकिस्तान
- बारबाडोस
- फिजी
- डोमिनिका
- सेशेल्स
- केन्या
वीजा ऑन अराइवल सुविधा वाले देश
भारतीय पासपोर्ट धारकों को कई देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी मिलती है, जिनमें:
- मालदीव
- श्रीलंका
- इंडोनेशिया
- कतर
- जॉर्डन
- कंबोडिया
- मंगोलिया
- मेडागास्कर
- तंजानिया
जैसे देश शामिल हैं।
कैसे तय होती है रैंकिंग?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनियाभर के 199 पासपोर्ट और 227 यात्रा स्थलों का मूल्यांकन करता है। यह रैंकिंग इस आधार पर तय होती है कि किसी देश का नागरिक बिना पहले से वीजा लिए कितने देशों की यात्रा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पासपोर्ट की ऊंची रैंक किसी देश की वैश्विक स्वीकार्यता और उसके नागरिकों के लिए आसान अंतरराष्ट्रीय यात्रा को दर्शाती है।