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4 महीनों में जारी हुए 40 लाख एनुअल फास्टैग पास, 2026 तक बिना रुके टोल वसूली होगी: नितिन गडकरी

Published on: December 18, 2025
40 lakhs released in 4 months

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि 15 अगस्त से अब तक महज चार महीनों में करीब 40 लाख एनुअल फास्टैग पास जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि 2026 तक देश के सभी 1050 टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल कलेक्शन की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था से निजी वाहन चालकों को टोल भुगतान में बड़ी राहत मिलेगी।


एनुअल फास्टैग पास से बड़ी बचत

लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एनुअल फास्टैग पास के जरिए निजी कारें सिर्फ 3000 रुपये में साल भर में 200 बार टोल प्लाजा पार कर सकेंगी
इस हिसाब से प्रति टोल औसतन 15 रुपये का खर्च आएगा।

उन्होंने बताया कि सामान्य फास्टैग के तहत यदि कोई वाहन 200 बार टोल पार करता है तो उसे लगभग 15,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वहीं, एनुअल पास में एक बार भुगतान करने के बाद न तो बार-बार रिचार्ज की जरूरत होती है और न ही बैलेंस की चिंता रहती है। यह सुविधा खासतौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है।


2026 तक सभी टोल प्लाजा पर AI-बेस्ड सिस्टम

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 2026 तक देशभर के सभी 1050 टोल प्लाजा पर आधुनिक AI-बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा।
इसमें:

  • 350 निजी टोल प्लाजा

  • 700 सरकारी टोल प्लाजा शामिल होंगे।

नई तकनीक लागू होने के बाद वाहन टोल प्लाजा पर रुके बिना 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगे। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम खत्म होंगे और यात्रियों का समय व ईंधन दोनों बचेगा।


सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम से मिलेगा दूरी के हिसाब से भुगतान

गडकरी ने बताया कि सरकार GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) आधारित टोल सिस्टम पर तेजी से काम कर रही है।
इस व्यवस्था में:

  • वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल कटेगा

  • रोजाना 20 किलोमीटर तक की यात्रा मुफ्त होगी।

  • अभी 5 या 50 किलोमीटर चलने पर एक समान टोल देना पड़ता है, जो नए सिस्टम में खत्म हो जाएगा।

फिलहाल यह सिस्टम बेंगलुरु–मैसूर हाइवे (NH-275) और पानीपत–हिसार हाइवे (NH-709) जैसे चुनिंदा मार्गों पर परीक्षण के तौर पर लागू किया गया है।


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