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KGMU में अपर्णा यादव–प्रशासन आमने-सामने: लव जिहाद जांच को लेकर हंगामा, FIR की तैयारी

Published on: January 10, 2026
Aparna Yadav – Administration at KGMU

द देवरिया न्यूज़,लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) शुक्रवार को उस वक्त विवादों में घिर गई, जब राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। मामला दिसंबर 2025 में सामने आए लव जिहाद और कथित धर्मांतरण प्रकरण की जांच से जुड़ा है। जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

दोपहर करीब एक बजे अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ KGMU परिसर पहुंचीं। उनका उद्देश्य इस प्रकरण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस दौरे की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को अनुशासनहीनता करार देते हुए FIR दर्ज कराने की बात कही है।

विशाखा कमेटी की रिपोर्ट पर सवाल

महिला डॉक्टर से जुड़े उत्पीड़न मामले में अपर्णा यादव ने विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मीडिया के सामने रखा गया और निष्पक्ष जांच नहीं हुई। उनका दावा है कि जिन आठ लोगों ने बयान दिए, उन पर केजीएमयू प्रशासन की ओर से बयान बदलने का दबाव बनाया गया।

अपर्णा यादव ने कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद पर भी सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो उनसे ठीक से मुलाकात की गई और न ही उनकी बात सुनी गई, बल्कि उन्हें लंबे समय तक बाहर खड़ा रखा गया। उन्होंने ऐलान किया कि वह राज्य महिला आयोग के साथ राज्यपाल से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगी। साथ ही केजीएमयू में छेड़खानी, धर्मांतरण, भ्रष्टाचार और पिछले दो वर्षों से कथित रूप से गलत तरीके से संचालित ब्लड बैंक जैसे आरोप भी लगाए।

VC चैंबर के बाहर हंगामा

KGMU पहुंचने पर कुलपति का चैंबर बंद मिलने से अपर्णा यादव के समर्थक भड़क गए। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान VC कार्यालय का गेट पीटा गया, श्रीराम के जयकारे लगाए गए और लव जिहाद के आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन मलिक के खिलाफ नारेबाजी हुई। आरोप है कि समर्थकों ने जबरन गेट खोलने की कोशिश की, जिससे चैंबर की सिटकनी टूट गई और परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन का पलटवार

घटना के बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद और विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। डॉ. केके सिंह ने कहा कि एक महिला कुलपति के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 25–30 लोग बिना सूचना चैंबर में घुसकर नारेबाजी करेंगे, तो कुलपति और शिक्षक कैसे सुरक्षित रहेंगे।

पीस मार्च और कार्य बहिष्कार की चेतावनी

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि अपर्णा यादव के दौरे की कोई जानकारी पहले नहीं दी गई थी और इस तरह के माहौल में विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित होता है। उन्होंने अपर्णा यादव के सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि शिक्षक व कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि KGMU परिवार पीस मार्च निकालेगा और जरूरत पड़ी तो कार्य बहिष्कार का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

आरोप निराधार: KGMU

प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्यपाल को दिए जाने के बाद स्थिति शांत हुई। उन्होंने साफ किया कि लव जिहाद प्रकरण में आरोपी डॉक्टर को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है और उसे बर्खास्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं, विशाखा कमेटी की अध्यक्ष प्रो. मोनिका कोहली ने कहा कि शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी और आरोप लगाए जा रहे हैं कि शुरुआत में महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने भी इस मामले को दबाकर रखा था।


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