इस मामले पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं अमेरिका के भीतर भी ट्रंप की आलोचना हो रही है। इसी बीच अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत और एशियाई समुदाय के समर्थन में बयान दिया है।
मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरे भारतीय-अमेरिकी और एशियाई-अमेरिकी भाइयों और बहनों, आप अमेरिका को महान बनाने का एक अहम हिस्सा हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारत और चीन जैसे देशों की संस्कृति और विरासत बेहद समृद्ध है और इनका वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान है।
मिलबेन ने ट्रंप के बयान का अप्रत्यक्ष रूप से जवाब देते हुए कहा, “भारत और चीन ‘नरक’ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी महत्वपूर्ण भूमि हैं जो पूरी दुनिया के विकास और पोषण में योगदान देती हैं। ईश्वर आप सभी पर कृपा करे।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिल रहा है।
मैरी मिलबेन एक जानी-मानी अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री हैं। उनका जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ और वह ओक्लाहोमा में पली-बढ़ीं। उनकी मां पेंटेकोस्टल चर्च में संगीत से जुड़ी थीं, जिससे प्रेरित होकर मिलबेन ने कम उम्र में ही गायन शुरू कर दिया था। उन्होंने महज पांच साल की उम्र में सिंगिंग की शुरुआत की थी।
मिलबेन की खास बात यह है कि उन्होंने अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों—जॉर्ज बुश, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन—के लिए राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए हैं। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भी उन्होंने एक कार्यक्रम में भाग लिया था, जहां उनका भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान चर्चा में आया था।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति और सोशल मीडिया के प्रभाव को उजागर किया है, जहां नेताओं के बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया और बहस का कारण बन जाते हैं।