प्रदर्शन के दौरान महासंघ के संयोजक धर्मी आजाद ने कहा कि जल ही जीवन है और इसके संरक्षण को लेकर अब समाज को जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी का तेजी से हो रहा व्यवसायीकरण भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, लेकिन इसके बावजूद अवैध आरओ प्लांट और वॉशिंग सेंटर बड़ी मात्रा में मीठे पानी की बर्बादी कर रहे हैं।
धर्मी आजाद ने कहा कि इन केंद्रों के संचालन में नियमों की अनदेखी की जा रही है और कई जगहों पर बिना वैध अनुमति (NOC) के ही काम चल रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे सभी संस्थानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि जल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सके।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो महासंघ बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। “हल्ला बोल” अभियान के जरिए अवैध जल दोहन करने वालों के खिलाफ जनदबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया। उनका कहना था कि पानी बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जल बचाने के संदेश दिए और नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में पुनीता जायसवाल, संध्या शर्मा, बिंदू देवी, शीला देवी, कांति देवी, मीना यादव, तीजा देवी, गायत्री पटेल, सरोज देवी, अनीता देवी, गायत्री राजभर, नंदनी आजाद, आरती देवी, अनन्या आजाद और गीता यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन देवरिया में जल संकट को लेकर बढ़ती चिंता का संकेत है, जहां अब महिलाएं भी आगे आकर इस मुद्दे पर आवाज बुलंद कर रही हैं।