तुर्की के मीडिया आउटलेट येनी अकिट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ग्रीस ने व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) 8×8 बख्तरबंद लड़ाकू वाहन खरीदने की दिशा में अहम कदम उठाया है। रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रीस की यह पहल सीधे तौर पर तुर्की के खिलाफ सैन्य तैयारी का संकेत है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब ग्रीक सेना ने टाटा द्वारा विकसित WhAP 8×8 आर्मर्ड कॉम्बैट व्हीकल का आधिकारिक मूल्यांकन शुरू किया है।
एथेंस में हुई अहम बैठक
12 दिसंबर 2025 को एथेंस में ग्रीक सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। इसमें ऑपरेशनल टेस्टिंग के लिए WhAP 8×8 को अस्थायी रूप से ग्रीस में तैनात करने पर चर्चा की गई। ग्रीक सेना इस मूल्यांकन के जरिए अपनी सैन्य इकाइयों की गतिशीलता बढ़ाने और व्यापक आधुनिकीकरण अभियान को आगे बढ़ाना चाहती है।
तुर्की के साथ तनाव के बीच आधुनिकीकरण
ग्रीक सिटी टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीस के पास वर्तमान में अधिकांश बख्तरबंद वाहन M113A1 और M113A2 आर्मर्ड पर्सनल कैरियर हैं, जो आधुनिक मानकों से पीछे माने जाते हैं। इसके अलावा, ग्रीक सेना अब भी सोवियत काल के BMP-1 वाहनों का उपयोग कर रही है। तुर्की के साथ जारी तनाव के बीच पुराने रक्षा उपकरण ग्रीस की सैन्य क्षमता पर असर डाल रहे हैं, जिस कारण आधुनिकीकरण की जरूरत और बढ़ गई है।
WhAP 8×8 की खासियत
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा विकसित WhAP 8×8 को STANAG लेवल-4 बैलिस्टिक सुरक्षा प्राप्त है। इसमें स्केलेबल मॉड्यूलर आर्मर, रिमोट कंट्रोल्ड वेपन सिस्टम या 30 मिमी मैनड बुर्ज का विकल्प मौजूद है। यह वाहन जमीन और पानी दोनों पर चलने में सक्षम है। WhAP 8×8 में 3 क्रू मेंबर्स के अलावा 8 पूरी तरह सुसज्जित सैनिक सवार हो सकते हैं।
इसमें 600 हॉर्सपावर का कमिंस ISXe इंजन लगा है, जो ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है और यह वाहन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकता है।
यूरोपीय बाजार पर टाटा की नजर
WhAP 8×8 को पहली बार 2014 के डिफेंस एक्सपो में प्रोटोटाइप के रूप में पेश किया गया था। तब से यह कई परीक्षणों और कॉन्फिगरेशन अपडेट से गुजर चुका है। यूरोपीय रक्षा बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए टाटा ने मई 2025 में एथेंस में आयोजित इंटरनेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी एग्जीबिशन DEFEA 2025 में इस वाहन को प्रदर्शित किया था।
ग्रीस की यह संभावित खरीद न सिर्फ उसकी सैन्य क्षमता को मजबूत कर सकती है, बल्कि क्षेत्रीय भू-राजनीति में भी नए समीकरण पैदा कर सकती है।