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टीएमसी सांसद सागरिका घोष को मिली फोन पर धमकी, दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग

Published on: May 12, 2026
TMC MP Sagarika Ghosh

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्यसभा सांसद और पार्टी की उपनेता सागरिका घोष को फोन पर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और दिल्ली पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें तीन अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आए हैं। साथ ही, उन्होंने संबंधित नंबरों की जानकारी भी सार्वजनिक की है।

सागरिका घोष ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें रविवार शाम तीन अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे फोन कॉल प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि ट्रू कॉलर ऐप के जरिए कॉल करने वालों की पहचान हुई है। सांसद ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए कहा कि मामले में जरूरी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराएंगी।

टीएमसी सांसद ने जिन लोगों के नाम और नंबर साझा किए हैं, उनमें दीपक वृजवासन, जयशंकर भट्टाचार्य और गुरप्रीत नाम शामिल हैं। हालांकि, धमकी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की जाएगी।

कौन हैं सागरिका घोष?

सागरिका घोष देश की जानी-मानी पत्रकार, लेखिका और वर्तमान में टीएमसी की राज्यसभा सांसद हैं। वह वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पत्नी भी हैं। लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़ी रहने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

फरवरी 2024 में सागरिका घोष ने तृणमूल कांग्रेस जॉइन की थी। इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजा गया। वर्तमान में वह राज्यसभा में टीएमसी की उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। संसद में वह अक्सर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे सवाल उठाती नजर आती हैं।

पत्रकारिता के क्षेत्र में सागरिका घोष का लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने करीब 30 वर्षों तक मीडिया जगत में काम किया। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर किताबें भी लिखी हैं। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां अक्सर चर्चा में रहती हैं।

हाल में भाजपा पर साधा था निशाना

धमकी भरे कॉल की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सागरिका घोष लगातार भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर रही हैं। हाल ही में उन्होंने संसद परिसर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था।

सागरिका घोष ने आरोप लगाया था कि संसद में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा का कोई सांसद मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में चुनावी राजनीति के लिए गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के नाम का इस्तेमाल करती है, लेकिन उनकी विरासत और विचारों के प्रति वास्तविक सम्मान नहीं दिखाती।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि बंगाल की संस्कृति और विरासत को लेकर भाजपा की प्रतिबद्धता सिर्फ दिखावे तक सीमित है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई थी।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

सागरिका घोष को धमकी मिलने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कई विपक्षी नेताओं और टीएमसी समर्थकों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों ने सांसदों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश में राजनीतिक बयानबाजी के बढ़ते माहौल के बीच नेताओं को धमकी मिलने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित न हो।

अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है। पुलिस शिकायत दर्ज होने के बाद कॉल डिटेल्स और संबंधित नंबरों की जांच कर सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि धमकी देने के पीछे क्या मकसद था।


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