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देवरिया के पथरदेवा में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: एक हफ्ते से अंधेरे में डूबे गांव, ट्रांसफार्मर बदलने की मांग पर बिजली उपकेंद्र पर प्रदर्शन

Published on: July 9, 2025
Deoria ke patherdewa me

देवरिया ज़िले के पथरदेवा क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का सब्र टूट गया। पिछले एक सप्ताह से गांव का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लगातार की गई शिकायतों के बावजूद जब बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो शनिवार को ग्रामीणों ने बिजली उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना कई बार अधिकारियों को दी गई, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मौके पर आया और न ही नया ट्रांसफार्मर लगाया गया।

बिजली कटौती से ना केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि कृषि कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किसानों ने कहा कि ट्यूबवेल और सिंचाई के काम भी ठप पड़े हैं, जिससे खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, तो वे जनपद कार्यालय पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के स्थानीय जेई और लाइनमैन मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित फाइल विभागीय प्रक्रिया में है और शीघ्र समाधान का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समयसीमा के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के खिलाफ सामूहिक धरना-प्रदर्शन करेंगे

इस बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभाग से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

निष्कर्ष:
पथरदेवा के इस बिजली संकट ने न केवल ग्रामीणों की दैनिक ज़िंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और ग्रामीणों को कब तक बिजली की रोशनी वापस मिलती है।


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