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पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन वार्ता को मिल सकती है नई दिशा, 14वीं कोर को मिलेगा नया कमांडर

Published on: June 21, 2026
India-China talks in eastern Ladakh

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयासों के बीच भारतीय सेना में महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। भारतीय सेना की 14वीं कोर के मौजूदा कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला अब उत्तरी कमान (नॉर्दर्न कमांड) में चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी जगह मेजर जनरल मदनराज पांडे को 14वीं कोर का नया कमांडर नियुक्त किया जाएगा। पदोन्नति के बाद वे लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद से जुड़े शेष मुद्दों के समाधान के लिए कोर कमांडर स्तर की अगली बैठक की संभावना जताई जा रही है।

जल्द हो सकती है नई कोर कमांडर स्तर की वार्ता

पिछले महीने भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर बातचीत एवं समन्वय के लिए गठित वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक के बाद दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता की उम्मीद बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में शेष विवादित मुद्दों पर चर्चा के लिए निकट भविष्य में दोनों सेनाओं के बीच नई बैठक हो सकती है। ऐसी स्थिति में भारतीय पक्ष का नेतृत्व नए कोर कमांडर द्वारा किए जाने की संभावना है।

2024 में बनी थी महत्वपूर्ण सहमति

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव वर्ष 2020 में बढ़ा था, जिसके बाद कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं हुईं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में पहले ही डिसइंगेजमेंट (सैनिकों की वापसी) हो चुका था, लेकिन कई स्थानों पर पेट्रोलिंग संबंधी प्रतिबंध बने हुए थे।

21 अक्टूबर 2024 को दोनों देशों के बीच देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में गतिरोध कम करने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी थी। उस समय लगातार कई सप्ताह तक कोर कमांडर स्तर की बातचीत चली थी, जिसने सीमा पर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई।

फिर शुरू हुई नियमित पेट्रोलिंग

समझौते के बाद भारतीय और चीनी सेनाएं उन सभी पेट्रोलिंग प्वाइंट्स पर गश्त कर रही हैं जहां अप्रैल 2020 से पहले नियमित पेट्रोलिंग होती थी।

इनमें शामिल हैं:

  • देपसांग के 5 पेट्रोलिंग प्वाइंट
  • डेमचोक के 2 पेट्रोलिंग प्वाइंट

रिपोर्टों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग प्रक्रिया अब तक बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी है।

हितेश भल्ला ने बनाया रिकॉर्ड

लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला का कार्यकाल 14वीं कोर के इतिहास में सबसे लंबा माना जा रहा है। वे लगभग 24 महीनों तक इस महत्वपूर्ण कोर का नेतृत्व कर चुके हैं।

14वीं कोर का मुख्यालय लेह में स्थित है और यह भारतीय सेना की एकमात्र कोर है जिसका मुख्यालय अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और संवेदनशील रणनीतिक जिम्मेदारियों के कारण यहां कोर कमांडर का कार्यकाल सामान्यतः 13 से 15 महीने का होता है।

कुछ अधिकारियों ने 18 से 20 महीने तक भी यह जिम्मेदारी निभाई है, लेकिन लेफ्टिनेंट जनरल भल्ला का कार्यकाल इससे भी लंबा रहा, जिससे उन्होंने नया रिकॉर्ड स्थापित किया।

नए नेतृत्व से बढ़ी उम्मीदें

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 14वीं कोर में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद भारत की सीमा सुरक्षा नीति और चीन के साथ चल रही सैन्य वार्ताओं की दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, नए कोर कमांडर के नेतृत्व में आगे की वार्ताओं और सीमा प्रबंधन की रणनीति पर विशेष ध्यान रहेगा।

पूर्वी लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य एवं कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है, और आने वाले महीनों में होने वाली बैठकें इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।


इसे भी पढ़ें : अमरीश कुमार जैन मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- जज किसी भी हालत में सुनवाई से अलग न हों


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