द देवरिया न्यूज़,मुजफ्फरनगर : वर्ष 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में दिल्ली की जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी शुक्रवार को करीब 19 साल बाद मुजफ्फरनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत में पेश हुए। अदालत ने बुखारी की ओर से दाखिल गैर-जमानती वारंट (NBW) निरस्त करने की अर्जी को स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 24 अगस्त की तारीख तय की है।
2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था मुकदमा
यह मामला वर्ष 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, उस समय खतौली विधानसभा सीट से यूडीएफ प्रत्याशी शाकिर अली चुनाव मैदान में थे। उनके चुनाव प्रचार के लिए सैय्यद अहमद बुखारी खतौली पहुंचे थे।
आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान बुखारी का हेलीकॉप्टर प्रशासन से मिली अनुमति में निर्धारित स्थान के बजाय किसी अन्य जगह पर उतारा गया था। इस मामले में सैय्यद अहमद बुखारी के अलावा चुनाव प्रत्याशी शाकिर अली और मोहम्मद इनाम कुरैशी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया था।
लगातार गैरहाजिर रहने पर जारी हुआ था वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण सीजेएम कोर्ट की ओर से सैय्यद अहमद बुखारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसी वारंट को निरस्त कराने के लिए वह शुक्रवार को अदालत में पेश हुए।
बुखारी के अधिवक्ता कैलाश सिंह ने बताया कि यह मामला 2007 के विधानसभा चुनाव के समय का है। उस समय शाकिर अली खतौली विधानसभा सीट से उम्मीदवार थे और उनके प्रचार के लिए सैय्यद अहमद बुखारी पहुंचे थे।
अधिवक्ता के मुताबिक, आरोप था कि प्रशासन की अनुमति के विपरीत हेलीकॉप्टर को किसी दूसरी जगह उतार दिया गया था। इस मामले में सह-आरोपी मोहम्मद इनाम कुरैशी और शाकिर अली पहले ही अदालत में पेश हो चुके हैं। अब गैर-जमानती वारंट के संबंध में सैय्यद अहमद बुखारी भी अदालत पहुंचे।
अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए वारंट निरस्त करने की कार्रवाई की और मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख निर्धारित की।
कौन हैं सैय्यद अहमद बुखारी?
सैय्यद अहमद बुखारी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम रहे हैं। वह जामा मस्जिद के 12वें शाही इमाम सैय्यद अब्दुल्ला बुखारी के बेटे हैं। अक्टूबर 2000 में अपने पिता के बाद सैय्यद अहमद बुखारी को जामा मस्जिद का 13वां शाही इमाम बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक जामा मस्जिद के इमाम के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 2024 में उनके बेटे सैय्यद शाबान बुखारी को उनके बाद जामा मस्जिद का नया इमाम बनाया गया। वह जामा मस्जिद के 14वें इमाम हैं। करीब 19 साल पुराने इस मामले में अब सैय्यद अहमद बुखारी के अदालत में पेश होने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
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