द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी को लेकर हंगामा देखने को मिला। केरल से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने बीजेपी सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। ब्रिटास का आरोप है कि सोमवार को टैक्स संबंधी कामकाज पर चर्चा के दौरान सुष्मिता देव ने उनके भाषण में बार-बार बाधा डाली और उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित किया।
ब्रिटास ने राज्यसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज से जुड़े नियम 188 के तहत नोटिस देकर सभापति से मामले में विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी है। हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
‘क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान को निशाना बनाया’
जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें निशाना बनाने के लिए उनकी क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि संसद में किसी सदस्य को उसकी भाषा, क्षेत्र या पारंपरिक पहनावे के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
ब्रिटास ने कहा कि यह केवल दो सांसदों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि सदन की गरिमा और देश की विविधता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने खुद को गर्वित भारतीय, दक्षिण भारतीय और मलयाली बताते हुए कहा कि भारत की विविधता ही उसकी एकता की बड़ी ताकत है।
‘लुंगी लाखों लोगों का पारंपरिक पहनावा’
ब्रिटास ने कहा कि लुंगी दक्षिण भारत समेत देश के कई हिस्सों में लाखों लोगों का पारंपरिक पहनावा है। उनके मुताबिक, ‘लुंगीवाला’ शब्द का इस्तेमाल अतीत में दक्षिण भारतीयों के लिए अपमानजनक संदर्भ में भी किया जाता रहा है। उन्होंने 1960 और 1970 के दशक में मुंबई में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ चले अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय ‘लुंगीवाला’ और ‘मद्रासी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कथित तौर पर अपमानजनक तरीके से किया जाता था।
कई सांसदों की आपत्ति का किया दावा
ब्रिटास ने अपने नोटिस में दावा किया कि कथित टिप्पणी के दौरान कुछ अन्य सांसदों ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने सुखेंदु शेखर रॉय, पी. विल्सन और एल.के. सुधीश के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सांसदों ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी।
ब्रिटास ने सभापति से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला केवल एक सांसद के सम्मान का नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले सभी सांसदों की गरिमा से जुड़ा है।
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभापति से दोनों पक्षों को सुनने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित सदस्य को बुलाकर उनकी बात सुनी जाए और इसके बाद सभापति उचित निर्णय लें।
वहीं, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सभी सांसदों से एक-दूसरे की भावनाओं और संवेदनाओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में असम्मानजनक और अशोभनीय टिप्पणियों के कई मामले उनके संज्ञान में आए हैं। सभापति ने कहा कि वह संबंधित सदस्यों को अपने कक्ष में बुलाकर जल्द ही इस मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
इसे भी पढ़ें : खराब मौसम ने रोकी CM शुभेंदु अधिकारी की उड़ान, कोलाघाट में हेलीकॉप्टर की कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
➤ You May Also Like





Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़
Subscribe to get the latest posts sent to your email.






























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































