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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, Google और Apple से सात चीनी ऐप्स हटाने के निर्देश; डेटा सुरक्षा और ई-वाहनों में दखल की आशंका पर कार्रवाई

Published on: July 5, 2026
Major decision by the Central Government

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए Google और Apple को अपने-अपने ऐप स्टोर से सात चीनी मोबाइल एप्लिकेशन हटाने के निर्देश दिए हैं। इनमें BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion जैसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े ऐप्स शामिल हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कुछ मीडिया रिपोर्टों और शिकायतों में दावा किया गया कि इन ऐप्स का उपयोग बैटरी से चलने वाले वाहनों, विशेषकर ई-रिक्शा, के संचालन में दूर से हस्तक्षेप करने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन सभी ऐप्स का दुरुपयोग हर मामले में हुआ है या नहीं, लेकिन संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई है।

डेटा सुरक्षा और रिमोट इंटरफेरेंस बनी चिंता

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार कार्रवाई का मुख्य आधार केवल विदेशी ऐप्स होना नहीं, बल्कि डेटा सुरक्षा, डिजिटल संप्रभुता और बैटरी से चलने वाले वाहनों में दूर से हस्तक्षेप (रिमोट इंटरफेरेंस) की आशंका है। बताया जा रहा है कि कुछ ऑनलाइन वीडियो और शिकायतों में ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों को दूर से नियंत्रित या बंद किए जाने के दावे सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

MeitY ने जारी की सख्त चेतावनी

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने संकेत दिया है कि यदि भविष्य में कोई अन्य मोबाइल ऐप बैटरी चालित वाहनों के संचालन में अनधिकृत हस्तक्षेप करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार का तकनीकी हस्तक्षेप सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चिंता

सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे, जिनमें कथित तौर पर उपयोगकर्ताओं को मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति जांचते और बैटरी की पावर सप्लाई नियंत्रित करते हुए दिखाया गया। दावा किया गया कि इससे कुछ ई-रिक्शा बीच रास्ते में बंद हो गए, जिससे चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही सरकार ने किसी विशेष घटना को आधिकारिक तौर पर प्रमाणित किया है।

बैटरी मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए थे ऐप्स

अधिकारियों के अनुसार, BAT-BMS जैसे ऐप्स मूल रूप से बैटरी के वोल्टेज, तापमान, चार्ज स्तर और अन्य तकनीकी मानकों की निगरानी के लिए विकसित किए गए हैं। लेकिन यदि बैटरी प्रबंधन प्रणाली में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न हो, तो ऐसे इंटरफेस का दुरुपयोग कर बैटरी की पावर सप्लाई प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी संभावित जोखिम को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाया है।

गलवान के बाद पहली बार अलग आधार पर कार्रवाई

वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच तनाव के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संरक्षण के आधार पर कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। माना जा रहा है कि इस बार की कार्रवाई अलग प्रकृति की है, क्योंकि इसमें मोबाइल ऐप्स के जरिए जुड़े उपकरणों और बैटरी संचालित वाहनों में संभावित तकनीकी हस्तक्षेप तथा साइबर सुरक्षा संबंधी जोखिमों को प्रमुख आधार बनाया गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर भविष्य में भी ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे।


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