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बलोच नेता मीर यार का पाकिस्तान पर हमला, भारत से रिश्ते मजबूत करने की अपील; कारगिल विजय दिवस पर दी बधाई

Published on: July 28, 2026
Baloch leader Mir Yar's Pakistan

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : बलोच नेता मीर यार बलोच ने एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए बलूचिस्तान की आजादी की बात कही है। उन्होंने भारत को सदियों पुराना पड़ोसी और मित्र बताते हुए कारगिल विजय दिवस की बधाई दी। मीर यार के इस बयान को पाकिस्तान की सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ खुली चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में 1999 के कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की सेना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कारगिल युद्ध भारत और बलूचिस्तान, सिंध या पख्तूनिस्तान के बीच नहीं, बल्कि भारतीय सेना और रावलपिंडी में बैठे सैन्य नेतृत्व के बीच हुआ था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की वास्तविक संख्या को कम दिखाने की कोशिश की। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

‘बलूच, सिंधी और पख्तून लोगों के भारत से ऐतिहासिक संबंध’

मीर यार ने अपने पोस्ट में भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की वकालत करते हुए कहा कि बलूच, सिंधी और पख्तून समुदायों के भारत के लोगों के साथ ऐतिहासिक और पुराने संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लोग भारत के साथ दोस्ताना रिश्तों को सहयोग के अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग के जरिए स्थायी शांति और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा दिया जा सकता है। मीर यार ने भारत से बलूचिस्तान गणराज्य, सिंधदेश और पख्तूनिस्तान के नेतृत्व के साथ संपर्क स्थापित करने की भी अपील की। उन्होंने आगे रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी की बात कही।

पाकिस्तान से बलूचिस्तान और सिंध को लेकर किया दावा

बलोच नेता ने भारत से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील करते हुए बलूच और सिंध के समुद्री एवं तटीय क्षेत्रों से पाकिस्तान की सेना को हटाने की मांग की। उन्होंने कश्मीर और पख्तूनिस्तान को लेकर भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख दोहराया।

मीर यार ने दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था तब तक कायम नहीं रह सकती, जब तक बलूच, सिंधी, कश्मीरी, गिलगित-बाल्टिस्तान और पख्तून समुदाय कथित तौर पर ‘पाकिस्तानी गुलामी’ से मुक्त नहीं हो जाते। हालांकि, उनके इन बयानों को पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘बलूचिस्तान की कौम यह युद्ध जीत रही है’

मीर यार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो को लेकर उन्होंने दावा किया कि इसमें बलूच बच्चे पाकिस्तानी पुलिस की गाड़ी का विरोध करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने इसे बलूचिस्तान में चल रहे कथित प्रतिरोध का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग अपने अधिकारों और आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मीर यार ने दावा किया कि बलूचिस्तान के बच्चे ही भविष्य में इस क्षेत्र की सेना, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, विधायक, प्रोफेसर, शिक्षक और राजदूत बनेंगे।

बलोच नेता के इन बयानों से एक बार फिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में जारी राजनीतिक और सुरक्षा तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, भारत के साथ संबंधों को लेकर उनके बयान को पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।


इसे भी पढ़ें : सऊदी अरब और UAE के बीच तनाव घटने के संकेत, भारत के लिए क्यों है राहत की खबर? जानिए पूरी कहानी


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