द देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद/नई दिल्ली : भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में बैक-चैनल बातचीत की चर्चाओं के बीच पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक और स्वतंत्र टिप्पणीकार कमर चीमा ने दावा किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के औपचारिक बातचीत शुरू करने की संभावना बेहद कम है। हालांकि भारत सरकार के सूत्र पहले ही भारत-पाक सैन्य अधिकारियों की कथित मुलाकात और ‘ट्रैक-II’ कूटनीति से जुड़ी खबरों को खारिज कर चुके हैं।
कोलंबो बैठक की खबरों को भारत ने बताया गलत
हाल में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों की श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में मुलाकात हुई थी। भारत सरकार के सूत्रों ने इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और सरकार ने किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अनौपचारिक वार्ता को मंजूरी नहीं दी है।
कमर चीमा बोले- मोदी सरकार का रुख सख्त
कमर चीमा ने कहा कि भारत की मौजूदा नीति को देखते हुए पाकिस्तान के साथ औपचारिक वार्ता की संभावना कम दिखाई देती है। उनके अनुसार, मोदी सरकार लंबे समय से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और उसे आतंकवाद से जोड़ती रही है। ऐसे में बातचीत की पहल राजनीतिक रूप से सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कुछ भारतीय सैन्य अधिकारियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कुछ बयानों में संबंध सुधारने की बात सामने आई है, लेकिन सरकार की आधिकारिक नीति में कोई बदलाव नजर नहीं आता।
‘पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार’
कमर चीमा का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से बातचीत के लिए सकारात्मक रुख बना हुआ है। उनके अनुसार, वर्तमान समय में पाकिस्तान की सरकार और सेना एकमत दिखाई दे रहे हैं, जिससे वार्ता की संभावना को लेकर पाकिस्तान की स्थिति पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट है।
‘ईरान-अमेरिका बातचीत कर सकते हैं तो भारत-पाक क्यों नहीं?’
चीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां लंबे समय तक तनाव के बावजूद संवाद जारी रहा। उन्होंने ईरान और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों तक राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद बातचीत संभव हुई, इसलिए भारत और पाकिस्तान के बीच भी संवाद के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए।
भारत ने ट्रैक-II वार्ता और सिंधु जल संधि पर रुख किया स्पष्ट
भारत सरकार के सूत्रों ने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया है, जिनमें ‘ट्रैक-II डिप्लोमेसी’ या सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) में किसी प्रकार की रियायत दिए जाने का दावा किया गया था। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ किसी भी आधिकारिक ट्रैक-II वार्ता को न तो मंजूरी दी है और न ही उसका समर्थन किया है। साथ ही, सिंधु जल संधि में किसी भी तरह की ढील या रियायत की संभावना से भी स्पष्ट इनकार किया गया है। सरकार का कहना है कि हवाई क्षेत्र या अन्य द्विपक्षीय मुद्दों के बावजूद भारत की नीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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