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होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नई रणनीति, ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने की तैयारी

Published on: April 25, 2026
America on the Strait of Hormuz
द  देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन : ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना संभावित हालात को ध्यान में रखते हुए नई सैन्य योजनाओं पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि मौजूदा संघर्ष-विराम टूटता है, तो अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीधे निशाना बना सकता है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस संबंध में कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
इन योजनाओं के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य, दक्षिणी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के आसपास ईरान की गतिविधियों को सीमित करने के लिए टारगेटेड हमलों की रणनीति तैयार की जा रही है। खास तौर पर ईरान की उन क्षमताओं को निशाना बनाने की बात कही जा रही है, जिनका इस्तेमाल वह इन अहम समुद्री मार्गों को बाधित करने के लिए करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित हमलों में ईरान की छोटी और तेज गति वाली हमलावर नौकाओं, बारूदी सुरंगें बिछाने वाले जहाजों और अन्य “असममित संसाधनों” को लक्ष्य बनाया जा सकता है। इन संसाधनों की मदद से ईरान ने पहले भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर दबाव बनाया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार प्रभावित हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में तनाव के कारण पहले ही आर्थिक अस्थिरता देखने को मिल रही है, जिसका असर अमेरिका की घरेलू आर्थिक नीतियों पर भी पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का फोकस मुख्य रूप से ईरान के अंदरूनी हिस्सों में रहा है, जबकि होर्मुज क्षेत्र को सीधे निशाना नहीं बनाया गया था। लेकिन नई रणनीति में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के आसपास अधिक आक्रामक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है, जिसमें भारी बमबारी भी शामिल हो सकती है।
एक सैन्य सूत्र ने कहा कि जब तक ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से निष्क्रिय करने का भरोसा नहीं हो जाता, तब तक इस तरह के कदम उठाने में जोखिम बना रहेगा। साथ ही, यह भी इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी नेतृत्व इस जोखिम को उठाने के लिए कितना तैयार है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में ईरान के दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे, जिनमें ऊर्जा सुविधाएं भी शामिल हैं, को संभावित लक्ष्यों के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है और इसके व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : देवरिया के युवक की सड़क हादसे में मौत, कुशीनगर में अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर


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