Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान, लेकिन SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल

Published on: March 16, 2026
Announcement of elections of five states
द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। भले ही ये राज्य स्तर के चुनाव हों, लेकिन इन पांच राज्यों में दर्ज मतदाताओं की संख्या इतनी बड़ी है कि यह कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों को मिलाकर भी करीब 17.4 करोड़ मतदाता होते हैं, जबकि इन पांच राज्यों में ही इससे ज्यादा वोटर पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी राज्यों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है।
हालांकि चुनाव की तैयारियों के बीच Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विवाद भी सामने आ रहे हैं। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि SIR के कारण बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा विवाद पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। यहां चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच टकराव की स्थिति बन गई। जब मुख्य चुनाव आयुक्त कोलकाता में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लगाते हुए धरना दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपीलीय ट्रिब्यूनल बनाने के निर्देश के बाद समाप्त किया।
राज्य में SIR के दौरान करीब 63.66 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है, जबकि 60 लाख से अधिक नाम अभी विचाराधीन बताए जा रहे हैं।
इस बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, जिसे TMC की ओर से पेश किया गया और इस पर 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए। इससे साफ है कि इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है।
प्रस्ताव में बिहार में SIR प्रक्रिया का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग एक खास राजनीतिक दल के हित में काम कर रहा है। हालांकि अब असली सवाल यह नहीं है कि यह प्रस्ताव पारित होगा या नहीं, बल्कि यह है कि चुनाव के दौरान आयोग किस तरह अपनी निष्पक्षता और विश्वसनीयता को साबित करता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। सभी दलों को समान अवसर मिले और किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) या SIR जैसे विवाद चुनाव आयोग की साख के लिए चुनौती बन सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : भारत में फंसे 180 ईरानी नौसैनिक सुरक्षित निकाले गए, श्रीलंका से 84 शव भी तेहरान भेजे गए


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Vidya Vahini Scheme in Delhi

दिल्ली में ‘विद्या वाहिनी’ योजना की शुरुआत, 9वीं की छात्राओं को मुफ्त साइकिल; 1.40 लाख बेटियों को मिलेगा लाभ

spider-man in india

भारत में ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का धमाका, दो दिनों में ₹131 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन, हॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग

New vehicle checking in Bihar

बिहार में वाहन चेकिंग के नए नियम लागू: अब सिर्फ SI या उससे ऊपर के अधिकारी ही रोक सकेंगे गाड़ी, पुलिस मुख्यालय का बड़ा आदेश

Bihar Politics Upendra Kushwaha

बिहार राजनीति: उपेंद्र कुशवाहा की रणनीति रंग लाई, मंत्री दीपक प्रकाश का एमएलसी बनना तय, देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा

Congress on PM Modi

कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज, बोली- देश माफी मांग रहा था, उन्होंने देश को ही माफ कर दिया

Migrant crisis in Ceuta

सेउटा में प्रवासी संकट: 60 हजार घुसपैठियों के बाद स्पेन ने संभाली स्थिति, 57 लोगों की मौत, सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा

Leave a Reply

error: Content is protected !!