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POK चुनाव नतीजों पर घमासान, पीएमएलएन की सरकार रोकने कोर्ट जा सकती है PPP

Published on: August 19, 2026
Uproar over PoK election results

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में हाल ही में हुए चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की दो प्रमुख पार्टियां पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) आमने-सामने हैं। बिलावल भुट्टो की पार्टी ने PML-N की जीत और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार गठन को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, PPP की कानूनी टीम ने सरकार गठन की प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए याचिका तैयार कर ली है। पार्टी नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद इसे POK हाई कोर्ट में दाखिल किया जा सकता है।

PML-N की सरकार पर रोक लगाने की मांग

सूत्रों के मुताबिक, PPP अदालत से मांग कर सकती है कि PML-N की सरकार के गठन पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक विधानसभा की चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। पार्टी की संभावित याचिका में पूंछ डिवीजन के दो जिलों में चुनाव नहीं होने को प्रमुख आधार बनाया जा सकता है। PPP का तर्क है कि जब तक सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक विधानसभा को पूर्ण नहीं माना जा सकता। पार्टी का कहना है कि अधूरी विधानसभा के आधार पर सरकार का गठन करने से उसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। इसी आधार पर PPP सरकार के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने के लिए स्टे ऑर्डर मांग सकती है।

बिलावल भुट्टो ने लगाए धांधली के आरोप

PPP प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी पहले ही PML-N पर चुनाव में धांधली के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और राजनीतिक दबाव के जरिए नतीजों को प्रभावित किया गया। भुट्टो ने PML-N की जीत को स्वीकार करने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि शरीफ सरकार ने हिंसा और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर दबाव का सहारा लेकर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। हालांकि, इन आरोपों पर PML-N का पक्ष इस रिपोर्ट में सामने नहीं आया है।

इस्लामाबाद तक पहुंच सकता है राजनीतिक विवाद

POK चुनाव को लेकर बढ़ता विवाद पाकिस्तान की केंद्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि शहबाज शरीफ की सरकार PPP के समर्थन पर निर्भर है। ऐसे में यदि PPP और PML-N के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका असर इस्लामाबाद की सत्ता के समीकरणों पर भी पड़ सकता है। PPP की ओर से अदालत का रुख करने की तैयारी को इसी राजनीतिक तनाव के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

PPP की बैठक में लिया गया फैसला

रिपोर्ट के अनुसार, PPP के POK संसदीय दल की बैठक में चुनाव प्रक्रिया और सरकार गठन को लेकर चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने चुनाव में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी रखने पर सहमति जताई। अब सबकी नजर इस बात पर है कि PPP कब POK हाई कोर्ट का रुख करती है और अदालत इस मामले में क्या फैसला देती है। यदि अदालत सरकार गठन पर रोक लगाती है, तो POK में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है और पाकिस्तान की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो सकता है।


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