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अमरनाथ गुफा में तेजी से पिघला बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग, अब करीब एक फीट शेष; श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार

Published on: July 7, 2026
Rapid melting at Amarnath Cave

द  देवरिया न्यूज़,श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बाबा बर्फानी के हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटकर अब लगभग एक फीट रह गया है। सोमवार को सामने आई ताजा तस्वीरों में हिम शिवलिंग पहले की तुलना में काफी छोटा दिखाई दे रहा है। हालांकि इसके आकार में आई कमी का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार पवित्र गुफा पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं।

57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और शुरुआती दिनों से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के पहले तीन दिनों में ही 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 18.6 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है।

शुरुआती दिनों में रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में यात्रा के पहले तीन दिनों के दौरान 47,972 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 56 हजार से अधिक हो गई है। प्रशासन के मुताबिक इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने पहले से पंजीकरण कराया है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो यात्रा समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर सकती है।

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

तेजी से घटा हिम शिवलिंग का आकार

हिम शिवलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा जारी तस्वीरों में हिम शिवलिंग की ऊंचाई करीब सात फीट बताई गई थी। इसके बाद 29 जून को आयोजित प्रथम पूजा के समय भी शिवलिंग पांच फीट से अधिक ऊंचा था।

लेकिन 6 जुलाई को जारी ताजा तस्वीरों में हिम शिवलिंग का अधिकांश हिस्सा पिघल चुका है और अब उसका आकार लगभग एक फीट रह गया है। मौसम में बढ़ते तापमान, प्राकृतिक परिस्थितियों और गुफा के भीतर वातावरण में बदलाव को हिम शिवलिंग के तेजी से पिघलने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक वैज्ञानिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।

आस्था में नहीं आई कोई कमी

हिम शिवलिंग का आकार घटने के बावजूद श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ गुफा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए भगवान शिव के दर्शन सबसे महत्वपूर्ण हैं और हिम शिवलिंग का आकार उनकी श्रद्धा को प्रभावित नहीं करता।

सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रख रही हैं। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, आपातकालीन सहायता केंद्र, संचार व्यवस्था और राहत सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

‘मे आई हेल्प यू’ पहल से श्रद्धालुओं को मिल रही मदद

बालटाल मार्ग पर सीआरपीएफ की ‘मे आई हेल्प यू’ पहल यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस पहल के तहत तैनात महिला सुरक्षा कर्मी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने, भाषा संबंधी सहायता, संचार सुविधा, ठहरने की जानकारी और आपातकालीन चिकित्सा सहायता जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और बेहतर व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकती है।



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