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रूस-यूक्रेन युद्ध में 10 भारतीयों की मौत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Published on: April 26, 2026
10 Indians killed in Russia-Ukraine war
द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल 10 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष केंद्र ने बताया कि मृतकों में से अधिकांश लोग रूसी सेना में स्वैच्छिक अनुबंध के तहत शामिल हुए थे।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि इस संवेदनशील स्थिति को “सावधानीपूर्वक और कुशलतापूर्वक” संभालने की आवश्यकता है, क्योंकि युद्ध क्षेत्र से शवों की वापसी बेहद कठिन होती है।
यह मामला 26 भारतीय नागरिकों के परिवारों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनके परिजनों को नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाया गया, जहां उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हें जबरन युद्ध में शामिल किया गया।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि 26 में से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, एक व्यक्ति आपराधिक मामले में जेल में है और एक अन्य ने स्वेच्छा से रूस में रहने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग फर्जी एजेंटों के झांसे में आए, जबकि कई ने रूसी संस्थाओं के साथ स्वेच्छा से अनुबंध किया था।
सरकार ने शवों की वापसी में आने वाली दिक्कतों का भी जिक्र किया। एएसजी ने बताया कि युद्ध क्षेत्र की परिस्थितियों के अलावा कुछ मामलों में परिवारों के सहयोग की कमी भी सामने आई है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक मामले में शव लाने की व्यवस्था के बावजूद परिवार ने कानूनी प्रक्रिया के चलते उसे तीन महीने तक रोकने का अनुरोध किया।
वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकील ने केंद्र के दावों का विरोध करते हुए इसे मानव तस्करी का मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों को धोखे से रूस भेजा गया और उन्हें जबरन युद्ध में झोंक दिया गया। वकील ने यह भी कहा कि विदेश मंत्रालय पीड़ित परिवारों के संपर्क में नहीं है और उनकी ओर से भेजे गए अनेक प्रतिवेदनों का जवाब नहीं मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करे, जिसमें फंसे भारतीयों की सुरक्षा और उनकी वापसी के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हो।
याचिका में केंद्र सरकार से यह भी मांग की गई है कि रूस स्थित भारतीय दूतावास के जरिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास किए जाएं, ताकि वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

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