इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष का पद 35 वर्ष से कम उम्र के नेता को और प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्षों का पद 32 वर्ष से कम आयु के कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश संगठन तक होने वाली नियुक्तियों में उम्र के मानदंड को राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र के अनुरूप सख्ती से लागू किया जाएगा।
बुधवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के साथ हुई बैठक में इस दिशा में पार्टी के पुराने इरादे को और मजबूती मिली। राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश ने स्पष्ट किया कि रूलबुक में मौजूद आयु-सीमा का अब कड़ाई से पालन होगा।
कार्यभार संभालते ही नितिन नबीन ने यह भी साफ किया कि पार्टी विपक्ष के हमलों का संगठित और योजनाबद्ध तरीके से जवाब देगी। इसके तहत सामाजिक और राजनीतिक नैरेटिव पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सार्वजनिक बयान केवल अधिकृत प्रवक्ताओं द्वारा ही दिए जाएं। इससे पार्टी के भीतर बड़बोले नेताओं पर नियंत्रण बढ़ेगा।
इसी क्रम में, विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे कथित ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम से जुड़े नैरेटिव का त्वरित जवाब देने के लिए समर्पित टीम बनाने पर भी जोर दिया गया, जो दैनिक मजदूरों और किसानों तक सीधी पहुंच बना सके।
बैठक में इस वर्ष होने वाले पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, संवाद को मजबूत करने, कैडर को सक्रिय रखने और सरकार के साथ बेहतर तालमेल के जरिए केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया।