Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

अखिलेश यादव ने देखी ‘120 बहादुर’: फरहान अख्तर संग प्लासियो मॉल में फिल्म देखने पहुंचे, सियासी हलचल तेज

Published on: November 27, 2025
Akhilesh Yadav watched '120 Bahadur'

द देवरिया न्यूज़ ,लखनऊ। सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को लखनऊ के प्लासियो मॉल पहुंचे, जहां उन्होंने अभिनेता फरहान अख्तर के साथ बहुचर्चित फिल्म ‘120 बहादुर’ देखी। भारत–चीन युद्ध पर आधारित इस फिल्म में फरहान अख्तर परम वीर चक्र सम्मानित मेजर शैतान सिंह की भूमिका निभा रहे हैं।

अखिलेश यादव के मूवी देखने का कार्यक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जानकार इसे आगामी चुनावों और अहीर (यादव) समुदाय के वोट बैंक से जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि फिल्म में इस समुदाय के शौर्य और इतिहास को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

1962 के भारत–चीन युद्ध की वीर गाथा

फिल्म ‘120 बहादुर’ 1962 के युद्ध के दौरान लद्दाख के रेजांग ला में लड़ी गई उस ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 जवानों ने चीनी सेना से आख़िरी सांस तक मुकाबला किया था।
इस लड़ाई में मेजर शैतान सिंह भाटी ने असाधारण साहस दिखाते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
उन्हीं की शौर्य गाथा को फरहान अख्तर ने परदे पर उतारा है।

फरहान अख्तर बोले—“हर भारतीय को देखनी चाहिए यह फिल्म”

फिल्म देखने से पहले फरहान अख्तर ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर 2025 को रिलीज हुई है और इसकी टैगलाइन ‘हम पीछे नहीं हटेंगे’ हर भारतीय में देशभक्ति का जोश भर रही है।

फरहान ने कहा,
“यह फिल्म सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि उन 120 वीर जवानों की भावना का प्रतीक है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान कर दी। हर भारतीय को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ उनके लिए हमेशा खास रहा है और यहां आकर उन्हें अपार स्नेह मिलता है।

सियासत में बढ़ी हलचल

अखिलेश यादव के फिल्म देखने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
क्योंकि फिल्म में अहीर रेजिमेंट के जवानों का साहस और बलिदान प्रमुखता से दिखाया गया है, ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि यादव वोट बैंक को साधने का यह एक सूक्ष्म संदेश माना जा सकता है।

हालांकि सपा नेताओं ने इसे पूरी तरह व्यक्तिगत कार्यक्रम बताया और कहा कि अखिलेश यादव हमेशा देश की सेना और शहीदों के सम्मान को सर्वोपरि मानते हैं।


इसे भी पढ़ें : छह महीने से मानदेय का इंतजार: समर कैंप में काम करने वाले 1387 शिक्षामित्र–अनुदेशक आर्थिक संकट से जूझ रहे

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply