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निंदनीय घटनाओं और यूजीसी रेगुलेशंस पर उठे सवाल, अलंकार अग्निहोत्री का तीखा बयान

Published on: January 27, 2026
Scandalous incidents and UGC regulations
द देवरिया न्यूज़,बरेली। सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो सप्ताह में सामने आई दो घटनाओं ने उन्हें गहरे स्तर पर आहत किया है और मौजूदा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सोचने को मजबूर किया है।

पहला मामला प्रयागराज माघ मेले से जुड़ा बताया गया, जहां मौनी अमावस्या के पावन स्नान के लिए जा रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बटुक शिष्यों के साथ कथित रूप से अभद्रता और मारपीट की गई। आरोप है कि बटुकों की चोटी खींचकर उन्हें घसीटा गया। इस घटना को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कृत्य अत्यंत निंदनीय है और इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने दूसरा बड़ा मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए यूजीसी रेगुलेशंस 2026 को बताया। अग्निहोत्री का आरोप है कि इन नियमों के माध्यम से सामान्य वर्ग, विशेषकर ब्राह्मण समाज के युवक-युवतियों को स्वघोषित अपराधी की तरह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समता के नाम पर एक वर्ग विशेष के लिए किए गए प्रावधान भेदभावपूर्ण हैं और इससे समाज में असंतोष और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि आज ब्राह्मण जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर होती जा रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे ये जनप्रतिनिधि अब किसी कॉरपोरेट कंपनी के कर्मचारी बनकर रह गए हों, जो समाज के हितों की प्रभावी आवाज उठाने में असमर्थ हैं।

गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई की है और वे अमेरिका में भी कार्य कर चुके हैं। मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले व्यक्ति द्वारा गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर इस तरह की कड़ी प्रतिक्रिया और कदम उठाना, मौजूदा नीतियों और तंत्र पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।



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