द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली/सिंगापुर : सिंगापुर के पूर्व राजनयिक और प्रख्यात रणनीतिक विश्लेषक किशोर महबूबानी ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा है कि आजादी के बाद भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है और आज उसकी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से बड़ी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चीन की आर्थिक सफलता की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन भारत की उपलब्धियों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि भारत की विकास यात्रा भी किसी चमत्कार से कम नहीं है।
एक कार्यक्रम के दौरान भारत की प्रगति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए महबूबानी ने कहा कि दुनिया का बड़ा हिस्सा चीन की तेज आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देता है, लेकिन भारत की कहानी भी उतनी ही प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि करीब 100 वर्ष पहले भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, जबकि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था से बड़ी हो गई है।
2050 तक ब्रिटेन से चार गुना बड़ी हो सकती है भारत की अर्थव्यवस्था
महबूबानी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक रुझानों को देखते हुए वर्ष 2050 तक भारत की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन की तुलना में लगभग चार गुना बड़ी हो सकती है। उनके अनुसार, यह बदलाव केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक विकास क्षमता और वैश्विक प्रभाव का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखते हुए विकास का जो मॉडल अपनाया है, वह दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
भारत और चीन सदियों तक रहे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं
किशोर महबूबानी ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और चीन का वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रभुत्व कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2000 वर्षों में लगभग 1800 वर्षों तक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भारत और चीन ही थीं। उन्होंने कहा कि आज यदि दोनों देश फिर से वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहे हैं, तो इसे किसी असाधारण घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह इतिहास की स्वाभाविक पुनरावृत्ति है।
भारत बदल रहा है अपनी वैश्विक छवि
महबूबानी ने कहा कि लंबे समय तक दुनिया में भारत की पहचान गरीबी और विकासशील देश के रूप में रही, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि साल 2000 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था भारत की तुलना में लगभग 3.5 गुना बड़ी थी, जबकि आज भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ चुका है। यह बदलाव भारत की आर्थिक मजबूती और तेज विकास दर को दर्शाता है।
भारत-चीन को लेकर वैश्विक बहस तेज
महबूबानी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, में चीन की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताकत को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। इसी वर्ष मई में आयोजित रायसीना डायलॉग के दौरान अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ वे “गलतियां” नहीं दोहराना चाहता जो दो दशक पहले चीन के साथ हुई थीं।
महबूबानी के अनुसार, भारत और चीन की बढ़ती आर्थिक भूमिका वैश्विक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे रही है और आने वाले वर्षों में दोनों देशों का प्रभाव विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में और अधिक मजबूत हो सकता है।
इसे भी पढ़ें : समुद्री क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक आपूर्तिकर्ता बना; यूक्रेन में 13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
➤ You May Also Like





Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़
Subscribe to get the latest posts sent to your email.























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































