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कांग्रेस का संगठनात्मक फेरबदल, यूपी, हरियाणा और ओडिशा के लिए नए AICC प्रभारियों की नियुक्ति

Published on: June 28, 2026
Congress's organizational reshuffle

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तीन राज्यों के लिए नए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला किया है। नए प्रभारियों को संबंधित राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने और आगामी चुनावी रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीन राज्यों में बदले गए AICC प्रभारी

कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार:

  • संजय दत्त को हरियाणा का AICC प्रभारी बनाया गया है।
  • लालजी देसाई को ओडिशा का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
  • राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पार्टी का मानना है कि इन नेताओं के अनुभव का लाभ राज्यों में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मिलेगा।

संगठन को मजबूत बनाने पर कांग्रेस का जोर

कांग्रेस पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार बदलाव कर रही है। नए प्रभारियों की नियुक्ति भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन के माध्यम से जनसंपर्क अभियान को गति मिलेगी और आगामी चुनावों की तैयारियां अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेंगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में कांग्रेस अन्य राज्यों और संगठन के विभिन्न पदों पर भी बदलाव या नई नियुक्तियां कर सकती है।

तत्काल प्रभाव से लागू होंगे आदेश

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नए प्रभारी जल्द ही अपने-अपने राज्यों में कार्यभार संभालेंगे और संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संवाद तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति पर काम शुरू करेंगे।

चुनावी तैयारियों के बीच अहम फैसला

आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन विस्तार को देखते हुए कांग्रेस का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी एक ओर राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर भी बनी हुई है। ऐसे में नए प्रभारियों की भूमिका आगामी राजनीतिक गतिविधियों में अहम मानी जा रही है।


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