द देवरिया न्यूज़,कंपाला : युगांडा में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देश के सैन्य प्रमुख और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे मुहूजी काइनरुगाबा ने दो प्रमुख मीडिया संस्थानों—डेली मॉनिटर और एनटीवी युगांडा—को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति के बिना इन मीडिया संस्थानों का संचालन दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर दिया विवादित बयान
मुहूजी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें “स्वतंत्र प्रेस” की अवधारणा पर विश्वास नहीं है। उनके अनुसार, मीडिया को सरकार और क्रांति के समर्थकों के निर्देशों के अनुरूप काम करना चाहिए। उन्होंने यह दावा भी किया कि इन दोनों संस्थानों के बंद होने से उन्हें प्रतिदिन लगभग 50 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा है और यह जानकर उन्हें खुशी होती है।
सेना ने मीडिया कार्यालयों को घेरा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी कंपाला स्थित नेशन मीडिया ग्रुप (NMG) के कार्यालय पर सेना के जवान तैनात कर दिए गए। कर्मचारियों के कार्यालय में आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई। रविवार सुबह तक NTV Uganda और नेशन मीडिया ग्रुप के अन्य टीवी एवं रेडियो चैनलों का प्रसारण बंद रहा।
पहले भी विवादों में रहे हैं मुहूजी
मुहूजी काइनरुगाबा अपने विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के कारण पहले भी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने अतीत में विपक्षी नेता बॉबी वाइन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की थीं। उन्हें राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी का संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है।
पहले भी बंद हो चुका है डेली मॉनिटर
यह पहली बार नहीं है जब डेली मॉनिटर पर कार्रवाई हुई है। वर्ष 2013 में उत्तराधिकार से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद इस अखबार को करीब 10 दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। फिलहाल इस मामले पर सरकार के प्रवक्ता और नेशन मीडिया ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रेस स्वतंत्रता को लेकर उठे सवाल
राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी वर्ष 1986 से युगांडा की सत्ता में हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में युगांडा को पिछले वर्ष 143वां स्थान मिला था। मीडिया की स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली कई अन्य संस्थाओं ने भी देश में प्रेस की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
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