Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

हिरोशिमा परमाणु हमले की 81वीं बरसी: 8:15 बजे गूंजी शांति की घंटी, जापान ने दुनिया को याद दिलाई परमाणु तबाही की भयावहता

Published on: August 8, 2026
Hiroshima nuclear attack

द  देवरिया न्यूज़,टोक्यो। जापान के हिरोशिमा शहर ने गुरुवार को अमेरिका की ओर से किए गए परमाणु हमले की 81वीं बरसी मनाई। इस अवसर पर आयोजित शांति स्मारक समारोह में करीब 50 हजार लोग शामिल हुए। समारोह में अमेरिका और ईरान समेत लगभग 120 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान दुनिया को परमाणु हथियारों के भयावह परिणामों की याद दिलाते हुए परमाणु मुक्त विश्व की अपील की गई।

6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले की याद में सुबह ठीक 8 बजकर 15 मिनट पर एक मिनट का मौन रखा गया और शांति की घंटी बजाई गई। यही वह समय था, जब अमेरिकी B-29 विमान ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। हमले ने कुछ ही पलों में पूरे शहर को तबाही में बदल दिया था।

हिरोशिमा मेयर ने परमाणु हथियारों पर जताई चिंता

समारोह में हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई ने परमाणु हथियारों को लेकर बड़ी शक्तियों की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने देशों से परमाणु हथियारों को सुरक्षा या ‘डिटरेंस’ के साधन के रूप में उचित ठहराने से बचने की अपील की। मात्सुई ने कहा कि परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया का सपना लगातार दूर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अतीत से सबक लेने और परमाणु हथियारों की अमानवीयता को कम करके नहीं आंकने का आग्रह किया।

उन्होंने चेतावनी दी कि ताकत के इस्तेमाल और हिंसक जवाबी कार्रवाई का सिलसिला आखिरकार दुनिया को एक और हिरोशिमा या नागासाकी जैसी त्रासदी की ओर ले जा सकता है।

पीएम सनाए तकाइची ने क्या कहा?

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर हिरोशिमा के शांति स्मारक समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि जापान परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के दायरे में रहते हुए ऐसी दुनिया बनाने की दिशा में व्यावहारिक कदम उठाएगा, जहां परमाणु हथियारों का इस्तेमाल दोबारा कभी न हो।

हालांकि, जापान की परमाणु नीति को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। जापान लंबे समय से अपने तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों का पालन करता रहा है, लेकिन मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों में इन सिद्धांतों को लेकर बहस तेज हुई है।

परमाणु हमले के पीड़ितों की संख्या लगातार घट रही

हिरोशिमा पर 6 अगस्त 1945 को हुए परमाणु हमले में करीब 1.40 लाख लोगों की जान गई थी। इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त को अमेरिका ने नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम गिराया, जिसमें करीब 70 हजार लोगों की मौत हुई। जापान ने 15 अगस्त 1945 को आत्मसमर्पण किया, जिसके साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हुआ।

परमाणु हमलों से बचे लोगों को जापान में ‘हिबाकुशा’ कहा जाता है। अब उनकी संख्या घटकर करीब 91,105 रह गई है और उनकी औसत उम्र 86 वर्ष से अधिक हो चुकी है। बचे हुए लोगों को चिंता है कि समय बीतने के साथ उनकी प्रत्यक्ष यादें भी खत्म होती जाएंगी।

संयुक्त राष्ट्र ने दिया शांति का संदेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हिरोशिमा दिवस पर अपने संदेश में कहा कि परमाणु हथियारों की भयावहता हिरोशिमा से मिलने वाला पहला सबक है। दूसरा और उतना ही महत्वपूर्ण सबक यह है कि दुनिया को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहां परमाणु हथियारों के इस्तेमाल या उनकी धमकी के बारे में सोचना भी असंभव हो।

गुटेरेस ने कहा कि हिरोशिमा ने दुनिया को यह भी दिखाया है कि सबसे कठिन परिस्थितियों के बाद भी एक बेहतर भविष्य चुना जा सकता है। उन्होंने देशों से बंटवारे की जगह बातचीत, टकराव की जगह सहयोग और संकीर्ण हितों की जगह साझा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।


इसे भी पढ़ें :  ‘चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया’, पूर्व एफबीआर प्रमुख का बड़ा दावा


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria 'Har Ghar Tiranga' in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारी तेज, भाजपा मंडल की बैठक में बनी रणनीति

Lucknow Unclaimed since four days

लखनऊ: चार दिन से लावारिस खड़ी कार में मिला युवक का सड़ा शव, ड्यूटी के लिए निकले थे ज्ञानेंद्र सिंह

Bhawana Kanth makes history.

भावना कंठ ने रचा इतिहास : FCL कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं, जानिए बिहार की बेटी की पूरी कहानी

Attack in Thai school

थाईलैंड के स्कूल में ताबड़तोड़ फायरिंग, 7 की मौत; हमलावर छात्र ने खुद को भी मारी गोली, 20-30 घायल

New freedom in Balochistan

बलूचिस्तान में आजादी की नई हुंकार, 11 अगस्त को ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का स्वतंत्रता दिवस घोषित; पाकिस्तान की चुप्पी पर उठे सवाल

Major setback for RLD Senior leader Dr. Ramashish Rai

RLD को बड़ा झटका: वरिष्ठ नेता डॉ. रामाशीष राय ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, लोकतंत्र और संविधान को लेकर जताई चिंता

Leave a Reply

error: Content is protected !!