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सीसीटीवी फुटेज की मांग को लेकर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर जेल में अनशन पर, जमानत पर आज सुनवाई

Published on: January 3, 2026
Demand for CCTV footage

द देवरिया न्यूज़,देवरिया : पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने देवरिया जिला कारागार में शुक्रवार से अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को जानबूझकर छिपा रही है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि जब तक उनकी गिरफ्तारी की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

देवरिया में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में अमिताभ ठाकुर न्यायिक हिरासत में हैं। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विवेचक को सभी पत्रावलियों और जांच रिपोर्ट के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी।

ट्रेन में गिरफ्तारी का दावा

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी शाहजहांपुर में ट्रेन के अंदर की गई थी। उन्होंने प्रशासन से ट्रेन और स्टेशन परिसर के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक न तो फुटेज और न ही डीवीआर सौंपी गई है। उनका आरोप है कि दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए साक्ष्यों को जानबूझकर गायब किया जा रहा है।

अनशन की सूचना मिलते ही जेल और जिला प्रशासन में हलचल मच गई। जेल प्रशासन उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है।

1999 से जुड़ा है जमीन विवाद

अमिताभ ठाकुर को भारी पुलिस बल के साथ सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में उनके अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने दलील दी कि यह मामला वर्ष 1999 से जुड़ा हुआ है, लेकिन इतने वर्षों बाद भी जांच एजेंसियां कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के किसी को जेल में रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

कोर्ट ने विवेचक को किया तलब

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विवेचक को निर्देश दिया कि वे सभी दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित हों। अब शनिवार को जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विराम खंड निवासी अमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि वर्ष 1999 में देवरिया में एसपी पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि प्लॉट आवंटन के समय नाम और पहचान से जुड़ी जानकारी में कथित गड़बड़ी की गई। यह प्लॉट नूतन इंडस्ट्रीज के नाम पर आवंटित हुआ था, लेकिन तीन वर्षों तक यहां कोई उद्योग स्थापित नहीं किया गया।

सितंबर 2002 में इस जमीन की लीज शराब और कंस्ट्रक्शन कारोबारी संजय प्रताप सिंह को ट्रांसफर कर दी गई। करीब 6 हजार वर्गफुट का यह बी-2 श्रेणी का प्लॉट देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। वर्तमान में यहां श्रीनेत शांडिल्य कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय संचालित है।

इस मामले में सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच के दौरान देवरिया सदर कोतवाली में भी एक अलग मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 10 दिसंबर को शाहजहांपुर से अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।


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