Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

मन की बात के 128वें एपिसोड में पीएम मोदी का संबोधन: कुरुक्षेत्र यात्रा, गीता महोत्सव से लेकर द्वितीय विश्व युद्ध तक का जिक्र

Published on: December 1, 2025
128th episode of Mann Ki Baat

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड का प्रसारण रविवार को किया गया। इस दौरान उन्होंने महाभारत के युद्ध, कुरुक्षेत्र यात्रा, सऊदी अरब में गीता के सार्वजनिक प्रस्तुति कार्यक्रम और द्वितीय विश्व युद्ध में महाराजा दिग्विजय सिंह के मानवीय कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया।

कुरुक्षेत्र अनुभव केंद्र का जिक्र

पीएम मोदी ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विकसित किए गए डिजिटल अनुभव केंद्र की चर्चा करते हुए कहा कि आज थ्रीडी, लाइट एंड साउंड शो और आधुनिक तकनीक के जरिए महाभारत की गाथा को जीवंत रूप में दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र का नाम आते ही महाभारत का युद्ध याद आता है, लेकिन अब लोग इस ऐतिहासिक अनुभव को महाभारत अनुभव केंद्र में सजीव महसूस कर सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होने का अनुभव

प्रधानमंत्री ने बताया कि 25 नवंबर को उनकी कुरुक्षेत्र यात्रा बेहद खास रही। ब्रह्म सरोवर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होकर उन्हें विशेष आनंद मिला। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के लोग गीता जैसे दिव्य ग्रंथ से प्रेरणा ले रहे हैं और यूरोप तथा सेंट्रल एशिया सहित कई देशों के लोगों ने बड़ी संख्या में महोत्सव में हिस्सा लिया।

सऊदी अरब और यूरोप में गीता की गूंज

पीएम मोदी ने बताया कि इस महीने सऊदी अरब में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति हुई, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत के वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। इसके अलावा लातविया में आयोजित गीता महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भारत की संस्कृति में शांति और करुणा सर्वोपरि

प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध की एक महत्वपूर्ण घटना का स्मरण कराते हुए कहा कि भारत की महान संस्कृति में शांति और करुणा का भाव हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने गुजरात के नवानगर के जाम साहब, महाराजा दिग्विजय सिंह का उल्लेख किया, जिन्होंने युद्ध की विभीषिका के बीच पोलिश यहूदी बच्चों की रक्षा की और उनके लिए आश्रय का प्रबंध किया। उन्होंने इसे मानवता की महान मिसाल बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि जाम साहब किसी सैन्य गठबंधन या युद्ध रणनीति पर नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा पर केंद्रित थे—यह भारत की सांस्कृतिक मूल भावना है, जो आज भी दुनिया को प्रेरित करती है।


इसे भी पढ़ें : देवरिया के कसया ढाले पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव, 50 हजार आबादी को बड़ी राहत


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!