बैठक की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव मंजूर हसन ने किया। बैठक में बरहज विधानसभा क्षेत्र के लक्ष्मीपुर ग्राम सभा के प्रधान राजेश यादव, उनके परिवार के सदस्यों तथा दुबौली के प्रधान गामा यादव को कथित रूप से गलत मुकदमों में फंसाए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उन पर झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। इसके साथ ही बैठक में जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति भी तय की गई।
जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर नियंत्रण पाने में विफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का माध्यम बन गई है।
उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सत्ता के संरक्षण में अपराधियों और दलालों का मनोबल बढ़ा है, जिससे आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
व्यास यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 30 अप्रैल को बरहज में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचकर इसे सफल बनाएं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।
बैठक में पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ‘खोखा सिंह’, दीनानाथ कुशवाहा, हृदयनारायण जायसवाल, डॉ. रामनाथ चौहान, मोहन गुप्ता, सुनैना सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।