द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिसके बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने के बाद शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुंबई में पेट्रोल की कीमत अब “शगुन के 11 नंबर” यानी 111 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत भी 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। उनके इस बयान के बाद बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में देश की तेल कंपनियों के मुनाफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा घोषित कर रही हैं। प्रियंका ने लिखा, “जनता का खून पीने के बाद रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के बीच तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। जनता त्रस्त है और तेल कंपनियां मस्त हैं।” विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले भी बीते दिनों में कई बार कीमतों में इजाफा किया जा चुका है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम जनता, परिवहन क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों पर साफ दिखाई देने लगा है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो बढ़ोतरी से पहले पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। ताजा बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह मुंबई, चेन्नई और कोलकाता समेत अन्य महानगरों में भी कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर पड़ सकता है। टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई सेवाओं के किराए में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और जरूरी सामानों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। इससे पहले 23 मई को भी पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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