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पीएम मोदी के बयान पर चंद्रशेखर आजाद का हमला, बोले- सरकार ने महंगाई पर डाल दिए हथियार

Published on: May 13, 2026
Chandrashekhar on PM Modi's statement

द  देवरिया न्यूज़,सहारनपुर : भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिछले दो दिनों के भाषण यह संकेत देते हैं कि सरकार ने महंगाई और आर्थिक संकट के मुद्दे पर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। आजाद ने इसे सरकार की “नाकामी की स्वीकारोक्ति” बताया।

चंद्रशेखर आजाद ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषणों ने देश की जनता, छोटे व्यापारियों और मेहनतकश वर्ग को गहरी चिंता और निराशा में डाल दिया है।

उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले दो दिनों के भाषणों ने देश की जनता, व्यापारियों खासकर छोटे व्यापारियों और मेहनतकश वर्ग को गहरी निराशा और चिंता में डाल दिया है। यह सिर्फ एक बयान नहीं बल्कि सरकार की विफलता का संकेत है।”

पीएम मोदी ने की थी पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की अपील

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, गैरजरूरी सोने की खरीदारी टालें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।

प्रधानमंत्री ने लोगों से कार पूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी बात कही थी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि फिलहाल लोग एक साल तक सोने की खरीदारी टालने पर विचार करें ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो सके।

‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल मीटिंग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से अब कई काम आसान हो गए हैं। ऐसे में सरकारी और निजी संस्थानों में वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा था, “डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतनी सारी चीजें आसान बना दी हैं कि इसकी मदद हमारे लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत को सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। इसलिए नागरिकों को फिलहाल गैरजरूरी सोने की खरीद से बचना चाहिए।

‘वोकल फॉर लोकल’ की भी अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान को भी दोहराया। उन्होंने लोगों से विदेशी सामान की बजाय स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा, “अपने गांव, अपने शहर और अपने देश के उद्यमियों को मजबूत बनाइए। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आज समय की जरूरत है।”

युद्ध और वैश्विक संकट का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई हैं और आयातित वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि भारत विदेशों से कई जरूरी चीजें आयात करता है, जिस पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे समय में देशवासियों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए और संसाधनों पर बोझ कम करने में सहयोग करना चाहिए।

विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद के अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं कि यदि आम लोगों से पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने और सोना न खरीदने की अपील की जा रही है, तो यह आर्थिक दबाव और बढ़ती महंगाई की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई, ईंधन कीमतें और आम लोगों पर बढ़ता आर्थिक बोझ राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।


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