Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

पश्चिम एशिया संकट पर वैश्विक मंथन, जयशंकर फ्रांस में G7 बैठक में उठाएंगे होर्मुज का मुद्दा

Published on: March 27, 2026
Global on West Asia crisis
द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर उसके असर के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार (26 मार्च 2026) को फ्रांस पहुंचे हैं। यहां वे जी7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अहम बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें ईरान-इजरायल/अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित हो रही वैश्विक आवाजाही प्रमुख मुद्दा रहेगा।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। भारत के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
हालांकि, इसी बीच ईरान ने बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान जैसे ‘मित्र देशों’ के जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा। इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना इस बैठक का प्रमुख एजेंडा माना जा रहा है।
भारत को इस बैठक में फ्रांस ने आमंत्रित किया है, जो इस समय जी7 का अध्यक्ष है। जी7 दुनिया की सात प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं—अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम—का समूह है, जिसमें यूरोपीय संघ भी शामिल रहता है। भारत इसका सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक महत्व के मुद्दों पर उसे अक्सर विशेष आमंत्रण दिया जाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर 26 और 27 मार्च को फ्रांस के एबे डेस-वॉक्स-डे-सेर्ने में रहेंगे। इस दौरान वे न केवल बहुपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे, बल्कि अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी कर सकते हैं। खासतौर पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री से संभावित मुलाकात पर नजर रहेगी, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर वहां भी पड़ रहा है।
फ्रांस की ओर से भारत के अलावा सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राजील को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर भी ठोस रणनीति बनाने की कोशिश होगी।
फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार इस बार जी7 बैठक का एक विशेष सत्र पूरी तरह पश्चिम एशिया संकट पर केंद्रित रहेगा। इसमें यह चर्चा होगी कि किस तरह कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम किया जाए और समुद्री मार्गों पर किसी भी प्रकार की बाधा को दूर किया जाए। साथ ही ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी चर्चा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक मार्ग और क्षेत्रीय स्थिरता दांव पर लगे हैं। ऐसे में भारत की भूमिका और जयशंकर की कूटनीतिक सक्रियता पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

इसे भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट में अमेरिकी मरीन की बड़ी तैनाती, ईरान तनाव के बीच बढ़ी सैन्य हलचल


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Amidst Houthi attacks on Saudi Arabia

सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान-तुर्की की मदद पर सवाल, क्या मक्का डिफेंस पैक्ट अभी सिर्फ कागजों तक सीमित?

Pakistan on Indus water agreement

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी, भारत के रुख से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुश्किलें

Former Air Marshal from Deoria

देवरिया के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका

Journalist in Deoria receives call from +92 number

देवरिया में पत्रकार को +92 नंबर से धमकी, खबर चलाने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी

SP's Tarkulwa in Deoria

देवरिया में एसपी का तरकुलवा थाने पर औचक निरीक्षण, त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था परखी

Cyber ​​worth Rs 35.72 lakh in Deoria

देवरिया में 35.72 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी लेटरहेड और ई-मेल से बैंक को लगाया चूना; तीन गिरफ्तार

1 thought on “पश्चिम एशिया संकट पर वैश्विक मंथन, जयशंकर फ्रांस में G7 बैठक में उठाएंगे होर्मुज का मुद्दा”

Leave a Reply

error: Content is protected !!