जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब छह बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक टैंपो तेज गति से शहर की ओर आ रहा था। जब वाहन भटवलिया चौराहे के पास पहुंचा तो चालक संतुलन खो बैठा और टैंपो सामने चल रही कार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टैंपो में बैठे यात्री अपनी सीटों से उछल पड़े और कई लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
इस दुर्घटना में घायल होने वालों में वृंदा देवी (40), सुंदरी (15), सत्यम उर्फ कालू चौहान (18) निवासी गडेर, धर्मेंद्र कन्नौजिया (35), उनकी पत्नी साधना (32), देवांश (4) निवासी बैतालपुर क्षेत्र, शशि कपूर (18) पुत्र रम्भू कन्नौजिया निवासी मागा कोट थाना रुद्रपुर, किशन (5) पुत्र धर्मेंद्र कन्नौजिया, सत्यम पांडेय (13) और संतोष निवासी बरारी, गौरीबाजार शामिल हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि अन्य लोगों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों को हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टैंपो चालक काफी तेज गति से वाहन चला रहा था। चौराहे के पास अचानक ब्रेक लगाने और नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने शहर में तेज रफ्तार से चल रहे टैंपो और अन्य सार्वजनिक वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कई चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर वाहन दौड़ाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
हादसे के कारण भटवलिया चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। सड़क पर दोनों वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के चलते लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस ने मौके से दुर्घटनाग्रस्त टैंपो और कार को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। टैंपो चालक से भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को और सख्त किया जाए। साथ ही सार्वजनिक वाहनों की नियमित जांच कर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।