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यूक्रेन को मिली नई पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की खेप, रूस के हमलों से सुरक्षा और मजबूत

Published on: November 4, 2025
Ukraine gets new Patriot

द देवरिया न्यूज़ : यूक्रेन को आखिरकार अमेरिका निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप मिल गई है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह सिस्टम रूस के लगातार हो रहे हवाई हमलों से देश के नागरिकों और अहम बुनियादी ढांचों की रक्षा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। जेलेंस्की ने कहा कि रूस पिछले कई महीनों से यूक्रेन पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे ऊर्जा ढांचे, आवासीय इलाकों और औद्योगिक स्थलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पैट्रियट सिस्टम की नई खेप मिलने से यूक्रेन की रक्षा क्षमता में अभूतपूर्व मजबूती आई है।

पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम: रूस के हमलों की सबसे मजबूत ढाल

पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका की सबसे आधुनिक मिसाइल रोधी तकनीक है। यह दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन और विमानों को लंबी दूरी से इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह वही सिस्टम है जो अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों की हवाई सुरक्षा का मुख्य आधार है।

जेलेंस्की कई महीनों से पश्चिमी देशों से इस सिस्टम की मांग कर रहे थे। हालांकि, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को अपनी उत्पादन सीमाओं और घरेलू रक्षा जरूरतों के चलते आपूर्ति करने में समय लग रहा था। अब इन सिस्टमों को यूक्रेन के प्रमुख शहरों और ऊर्जा संरचनाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किया जा चुका है।

जर्मनी से मिली अहम मदद

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने जर्मनी और उसके चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा, “तीन महीने पहले जर्मनी ने यूक्रेन को दो अतिरिक्त पैट्रियट सिस्टम देने का वादा किया था। आज वह वादा पूरा हो गया है।”

जेलेंस्की ने यह भी बताया कि अमेरिका ने जर्मनी को आश्वासन दिया है कि उसकी अपनी सैन्य जरूरतों को प्रभावित किए बिना उसे नए पैट्रियट सिस्टम की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। इन सिस्टमों का पूरा निर्माण अमेरिका में किया जाता है और इन्हें नाटो देशों की रक्षा जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया गया है।

रूस ने फिर दागीं मिसाइलें और ड्रोन

इसी बीच, रूस ने रविवार से सोमवार की रात तक 12 मिसाइलें और 138 ड्रोन यूक्रेन पर दागे। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, इनमें से अधिकांश मिसाइलों को पैट्रियट और नासम्स सिस्टम ने नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंच गईं और भारी तबाही मचाई। उत्तरपूर्वी सूमी क्षेत्र में एक घर पर रूसी ड्रोन के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसके परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं। क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह ग्रिगोरोव ने कहा कि रूस ने “जानबूझकर रात में सो रहे नागरिकों” को निशाना बनाया।

कई क्षेत्रों में तबाही

डनिप्रो क्षेत्र में रूसी मिसाइल हमले से एक व्यापारिक प्रतिष्ठान में आग लग गई, जिससे एक व्यक्ति घायल हुआ। वहीं, दक्षिणी माईकोलाइव क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले से ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा। इन हमलों के बावजूद, यूक्रेनी सेना का दावा है कि उन्होंने रातभर में 120 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों को गिरा दिया।

जेलेंस्की ने कहा, “हमारे रक्षाकर्मी लगातार दिन-रात रूस के हमलों को रोकने में जुटे हैं। पैट्रियट जैसे सिस्टम हमारी रक्षा का आधार बन गए हैं और नागरिकों के जीवन को बचा रहे हैं।”

नाटो और सहयोगी देशों की भूमिका

नाटो (NATO) लगातार यूक्रेन को हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति का समन्वय कर रहा है। अमेरिका, जर्मनी, पोलैंड और कनाडा सहित कई यूरोपीय देश मिलकर यूक्रेन को रक्षा सहायता दे रहे हैं। कनाडा और नॉर्वे ने भी अमेरिका से पैट्रियट से जुड़े घटक और मिसाइलें खरीदकर यूक्रेन को भेजी हैं

मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि यूक्रेन को नए हथियार देने के फैसले को रोक दिया है। उनके अनुसार, अमेरिका को अपनी सीमाओं के भीतर सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन पूर्व बाइडन प्रशासन ने अपने कार्यकाल में यूक्रेन को लगातार सैन्य और वित्तीय सहायता दी थी, जिससे रूस के खिलाफ उसकी रक्षा मजबूत बनी रही।

यूक्रेन की रक्षा और भविष्य की चुनौती

विश्लेषकों का मानना है कि पैट्रियट सिस्टम की नई खेप यूक्रेन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इससे राजधानी कीव, औद्योगिक शहर खारकीव और दक्षिण के ओडेसा जैसे इलाकों की सुरक्षा काफी हद तक बढ़ेगी। हालांकि, रूस की लगातार बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए यूक्रेन को और उन्नत प्रणालियों की आवश्यकता बनी रहेगी।

जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा, “यह लड़ाई हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हर नया रक्षा सिस्टम हमारी उम्मीदों को मजबूत करता है और हमें आज़ादी की ओर एक कदम और करीब लाता है।”

यूक्रेन में अब उम्मीदें इस नई अमेरिकी तकनीक पर टिकी हैं, जो आने वाले हफ्तों में रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।


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