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देवरिया में भीषण गर्मी और उमस से बढ़े मरीज, मेडिकल कॉलेज में उमड़ी भीड़, बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल रहा

Published on: May 26, 2026
Extreme heat and humidity in Deoria

द  देवरिया न्यूज़,देवरिया : जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में एक ही दिन में 3000 से अधिक नए मरीजों का पंजीकरण किया गया, जबकि 2000 से ज्यादा पुराने मरीजों का इलाज हुआ। बढ़ती गर्मी और संक्रमण के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है।

सुबह से ही मेडिकल कॉलेज परिसर मरीजों और तीमारदारों से खचाखच भरा रहा। सबसे ज्यादा भीड़ फिजिशियन विभाग की ओपीडी में देखने को मिली, जहां डॉक्टरों के कक्ष के बाहर करीब 100 मीटर लंबी कतार लगी रही। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बच्चों में तेजी से फैल रहा संक्रमण

डॉक्टरों के मुताबिक, भीषण गर्मी, उमस और दूषित खानपान के कारण बच्चों में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बच्चे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, तेज बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग और पीआईसीयू में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्थिति यह है कि अस्पताल में बेड खाली होते ही तुरंत भर जा रहे हैं। कई बार एक ही बेड पर दो बच्चों का इलाज करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर मरीजों को ठीक होने में पांच से सात दिन तक का समय लग रहा है।

रविवार तक पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड के 41 बेड पर करीब 50 बच्चों का इलाज चल रहा था। इनमें बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित बच्चे शामिल हैं। अस्पताल में हर 24 घंटे के भीतर 18 से 20 गंभीर बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।

दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान बन रहे कारण

विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव, तेज धूप और उमस के चलते वायरस और बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। दूषित पानी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ संक्रमण फैलाने की बड़ी वजह बन रहे हैं। सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल और अस्वच्छ भोजन बच्चों की सेहत को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

अस्पताल में इलाज करा रहे कई अभिभावकों ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चे लगातार बीमार हो रहे हैं। कुछ बच्चों को तेज बुखार और दस्त की शिकायत है, जबकि कई बच्चों को उल्टी और सांस लेने में परेशानी हो रही है।

अस्पताल में दवाओं की कमी भी चिंता का कारण

मेडिकल कॉलेज में जिंक सिरप की कमी भी सामने आई है। जरूरत पड़ने पर तीमारदारों को बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिंक टैबलेट उपलब्ध हैं और उन्हीं से फिलहाल काम चलाया जा रहा है।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा ने बताया कि इस समय एडिनो वायरस, इंफ्लुएंजा, पैरा इंफ्लुएंजा और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

डॉ. मिश्रा ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को तेज धूप में बाहर न निकलने दें और उन्हें सूती व हल्के कपड़े पहनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और भोजन में ताजा व पौष्टिक आहार शामिल करें। उन्होंने हरी सब्जियां, मौसमी फल और सुपाच्य भोजन देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि बच्चों को फास्ट फूड, जंक फूड और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूर रखें। सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और कटे फल खाने से बचें। छोटे बच्चों को बोतल से दूध पिलाने के बजाय छह माह तक केवल मां का दूध देने की सलाह भी दी गई है। साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया है, ताकि संक्रमण से बचाव किया जा सके।


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