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भारत ने चीनी निर्यात पर लगाई रोक, नेपाल में बढ़ी टेंशन; त्योहारों से पहले महंगाई की आशंका

Published on: May 16, 2026
India imposed ban on sugar export

द  देवरिया न्यूज़,काठमांडू : भारत सरकार द्वारा 30 सितंबर तक कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले से नेपाल की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले त्योहारों के मौसम में नेपाल में चीनी की कमी और कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने नेपाल को होने वाले चीनी निर्यात पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में दशैन, तिहार और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान नेपाली बाजारों पर दबाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि इस समय चीनी की मांग काफी ज्यादा रहती है।

अल नीनो और सूखे की भी चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो की संभावित परिस्थितियों के कारण सूखे का खतरा भी बना हुआ है। इससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है और अगले सीजन में फसल कम होने की आशंका है।

ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी संकेत भट्टाराई ने कहा कि फिलहाल नेपाल में चीनी की तत्काल कमी नहीं होगी, लेकिन त्योहारों के समय मांग बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ सकता है।

भारत पर निर्भरता बनी बड़ी चुनौती

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक है और नेपाल अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक भारतीय बाजार पर निर्भर है। नेपाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव नेत्र प्रसाद सुबेदी ने कहा कि भारत के व्यापारिक फैसलों का नेपाल पर सीधा असर पड़ता है।

उन्होंने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करेगी और जरूरत पड़ने पर भारत से सरकार-से-सरकार स्तर पर बातचीत की जा सकती है।

पहले भी लग चुकी है रोक

सितंबर 2023 में भी भारत ने सात साल बाद पहली बार नेपाल को चीनी निर्यात रोक दिया था। उस समय नेपाल को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए करीब 60 हजार टन चीनी आयात करनी पड़ी थी।

व्यापार विशेषज्ञ रवि शंकर सैंजू के मुताबिक, भारत की निर्यात पाबंदियां नेपाल के खाद्य बाजार को सीधे प्रभावित करती हैं। दूसरे देशों से आयात करना नेपाल के लिए महंगा पड़ता है, क्योंकि लॉजिस्टिक्स लागत काफी ज्यादा होती है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ता है।

विशेषज्ञों ने नेपाल सरकार को खाद्य सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक रणनीति बनाने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से निपटा जा सके।


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