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नेपाल चुनाव से पहले BRI प्रोजेक्ट पर संकट, बालेन शाह ने चीन समर्थित इंडस्ट्रियल पार्क को घोषणा पत्र से किया बाहर

Published on: February 25, 2026
BRI project before Nepal elections

द  देवरिया न्यूज़,काठमांडू : नेपाल में 5 मार्च को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) से जुड़े एक बड़े प्रोजेक्ट पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने झापा में प्रस्तावित नेपाल-चीन फ्रेंडशिप इंडस्ट्रियल पार्क को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया है। यह प्रोजेक्ट चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी BRI पहल का हिस्सा माना जाता है।

यह इंडस्ट्रियल पार्क झापा-5 क्षेत्र में बनाया जाना है, जो पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का चुनावी गढ़ है। ओली ने फरवरी 2021 में इस मेगा प्रोजेक्ट की नींव रखी थी और इसे नेपाल-चीन दोस्ती का प्रतीक बताया था। लेकिन इस बार बालेन शाह ने इसी सीट से ओली को चुनौती दी है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

कौन हैं बालेन शाह

बालेन शाह नेपाल के युवा और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। वे एक सिंगर और रैपर भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े हैं। काठमांडू के पूर्व मेयर के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। शाह द्वारा इंडस्ट्रियल पार्क को घोषणा पत्र से बाहर रखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नेपाल की राजनीति में चीन समर्थित परियोजनाएं चुनावी मुद्दा बन रही हैं।

ओली का ड्रीम प्रोजेक्ट

दिसंबर 2024 में केपी शर्मा ओली की चीन यात्रा के दौरान नेपाल और चीन के बीच BRI सहयोग के तहत 10 प्रमुख परियोजनाओं पर सहमति बनी थी, जिनमें झापा का इंडस्ट्रियल पार्क भी शामिल था। इस पार्क का उद्देश्य नेपाल में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना बताया गया था। ओली ने अपने चुनावी कमिटमेंट पेपर में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का वादा भी किया है।

बालेन शाह पर विदेशी प्रभाव के आरोप

इंडस्ट्रियल पार्क प्रोजेक्ट के चेयरमैन गोविंदा थापा ने बालेन शाह के रुख की आलोचना करते हुए इसे विदेशी ताकतों से प्रेरित बताया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुछ बाहरी शक्तियां नेपाल में चीनी निवेश को रोकने की कोशिश कर रही हैं। उनका इशारा भारत की ओर माना जा रहा है।

भारत की सुरक्षा चिंताएं भी अहम

यह इंडस्ट्रियल पार्क भारत-नेपाल सीमा के पास और सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के करीब स्थित है। यह कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी चीनी निवेश या निर्माण को भारत अपनी सुरक्षा के नजरिए से महत्वपूर्ण मानता है।

नेपाल के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि भारत इस प्रोजेक्ट को लेकर चिंतित है और नेपाल से सावधानी बरतने की सलाह दी है।

चुनाव में चीन बनाम संतुलन की राजनीति

बालेन शाह का इंडस्ट्रियल पार्क से दूरी बनाना नेपाल की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नेपाल चुनाव में चीन के निवेश, राष्ट्रीय हित और पड़ोसी देशों के साथ संतुलन जैसे मुद्दे अहम भूमिका निभा रहे हैं। चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि नेपाल भविष्य में BRI परियोजनाओं को कितनी प्राथमिकता देता है।


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