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नेपाल के पीएम बालेन शाह का बड़ा बयान, बोले- सीमा विवाद बातचीत से सुलझाएंगे, भारत के साथ टकराव नहीं समाधान चाहिए

Published on: June 1, 2026
Big statement of Nepal PM Balen Shah

द  देवरिया न्यूज़,काठमांडू : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रविवार को संसद (प्रतिनिधि सभा) को संबोधित करते हुए भारत-नेपाल सीमा विवाद समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। मार्च में सत्ता संभालने के बाद संसद में दिए गए अपने पहले संबोधन में शाह ने कहा कि भारत के साथ लंबित सीमा विवादों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए निकाला जाना चाहिए।

संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए बालेन शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें यह जानकारी मिली कि सीमा से जुड़े कुछ क्षेत्रों में दोनों देशों के दावे और विवाद मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।

लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी पर बातचीत की वकालत

शाह ने कहा कि लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी जैसे विवादित क्षेत्रों को लेकर नेपाल पहले ही भारत को आधिकारिक कूटनीतिक नोट भेज चुका है और उसका जवाब भी प्राप्त हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों का समाधान दोनों देशों के बीच वार्ता के जरिए खोजा जाएगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि नेपाल और भारत इतिहासकारों, सर्वेक्षकों तथा क्षेत्रीय विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बनाकर तथ्यों के आधार पर समाधान तलाशने की दिशा में काम कर सकते हैं।

यूके से भी की गई चर्चा

बालेन शाह ने कहा कि सीमा विवाद के ऐतिहासिक पहलुओं को देखते हुए नेपाल ने भारत और चीन के साथ-साथ ब्रिटेन से भी बातचीत की है। उनके अनुसार, यह मुद्दा उस दौर से जुड़ा है जब ब्रिटिश भारत का प्रशासन इस क्षेत्र में मौजूद था, इसलिए ऐतिहासिक दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि नेपाल पड़ोसी देश भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के पक्ष में है।

सीमा विवाद को लेकर पहले भी बढ़ा था तनाव

भारत और नेपाल के बीच हाल के वर्षों में लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी क्षेत्रों को लेकर कई बार मतभेद सामने आए हैं। इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रही है। सीमा से जुड़े सवालों के अलावा व्यापार और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर भी समय-समय पर तनाव की स्थिति बनी है।

भारत दौरे पर आएंगे आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने

इसी बीच नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रवि लामिछाने 1 से 5 जून तक भारत दौरे पर दिल्ली आने वाले हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात होने की संभावना है।

लामिछाने नेपाल की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी यात्रा को भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।

संसद के पहले संबोधन पर रही खास नजर

प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने विदेश यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों को सीमित रखा है। ऐसे में संसद में दिया गया उनका पहला संबोधन उनकी सरकार की घरेलू और विदेश नीति की दिशा को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के साथ संबंधों पर उनके संतुलित रुख को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


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