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एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे पर पायलट संगठन के गंभीर सवाल, AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर उठाई आपत्ति

Published on: June 21, 2026
Air India Flight 171 Incident

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की जांच को लेकर नया विवाद सामने आया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियों को शामिल नहीं किया गया।

पायलट संगठन का दावा है कि रिपोर्ट में ऐसे संभावित कॉकपिट चेतावनी संकेतों और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी सूचनाओं का उल्लेख नहीं है, जो दुर्घटना से पहले विमान में किसी तकनीकी खराबी की ओर संकेत कर सकती थीं।

सरकार को लिखा पत्र

FIP ने सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि AAIB अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करने से पहले अतिरिक्त तकनीकी परीक्षण और सिम्युलेटर परीक्षण कराए। संगठन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले सभी संभावित पहलुओं की विस्तृत जांच आवश्यक है।

स्वतंत्र सिम्युलेटर परीक्षण का दावा

फेडरेशन के अध्यक्ष कैप्टन सी. रंधावा के अनुसार, संगठन ने स्वतंत्र रूप से बोइंग 787 सिम्युलेटर पर कई परीक्षण कराए। उनका दावा है कि इन परीक्षणों में कुछ ऐसे परिणाम सामने आए हैं जो प्रारंभिक रिपोर्ट में दी गई घटनाक्रम की समय-सीमा से मेल नहीं खाते।

रंधावा के मुताबिक, परीक्षणों में पाया गया कि विमान के इंजन बंद होने की स्थिति में रैम एयर टर्बाइन (RAT) को सक्रिय होकर आपातकालीन विद्युत एवं हाइड्रोलिक सहायता प्रदान करने में लगभग 18 सेकंड का समय लग सकता है। उनका कहना है कि यह अवधि AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में वर्णित समय-क्रम से अलग दिखाई देती है।

कॉकपिट चेतावनियों का मुद्दा

FIP का आरोप है कि यदि विमान में किसी प्रकार की विद्युत प्रणाली संबंधी खराबी हुई होती, तो उससे जुड़े कई चेतावनी संदेश और ऑडियो अलर्ट कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में दर्ज होने चाहिए थे। संगठन का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसे संभावित चेतावनी क्रम का पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि AAIB ने अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।

फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को लेकर भी सवाल

कैप्टन रंधावा ने विमान के पिछले हिस्से से बरामद फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब विमान का पिछला हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित अवस्था में मिला, तो रिकॉर्डर को हुए नुकसान की प्रकृति की भी विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस विषय को संभावित तकनीकी विफलता के एक पहलू के रूप में देखने की आवश्यकता बताई है।

जांच अभी जारी

गौरतलब है कि AAIB की रिपोर्ट अभी प्रारंभिक रिपोर्ट है और दुर्घटना की अंतिम जांच पूरी नहीं हुई है। विमान दुर्घटना जांच की प्रक्रिया में प्रारंभिक रिपोर्ट का उद्देश्य शुरुआती तथ्य प्रस्तुत करना होता है, जबकि अंतिम रिपोर्ट विस्तृत तकनीकी विश्लेषण और सभी उपलब्ध साक्ष्यों के अध्ययन के बाद जारी की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विमान दुर्घटना के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की जांच जारी है और विमानन क्षेत्र की निगाहें AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



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