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INDIA गठबंधन की बैठक के बाद बढ़ी खटास? राहुल गांधी के भाषण पर सहयोगी दलों ने जताई नाराजगी

Published on: June 19, 2026
After the INDIA alliance meeting

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। आगामी चुनावों में भाजपा को चुनौती देने की तैयारी कर रहे INDIA गठबंधन के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज हो गई है। 8 जून को हुई गठबंधन की रणनीतिक बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भाषण सार्वजनिक किए जाने पर कई सहयोगी दलों ने आपत्ति जताई है।

बैठक बंद कमरे में हुई थी, जिसमें गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे थे। हालांकि बाद में राहुल गांधी के भाषण को सार्वजनिक किए जाने से कुछ सहयोगी दल असहज नजर आए हैं।

CPM ने उठाए सवाल

सीपीएम महासचिव एम.ए. बेबी ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बैठक में केवल राहुल गांधी के भाषण को सार्वजनिक किया गया, जबकि अन्य दलों के नेताओं द्वारा रखे गए विचारों को साझा नहीं किया गया।

उन्होंने राहुल गांधी के भाषण में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का उल्लेख किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई। बेबी ने कहा कि गठबंधन की मजबूती के लिए आपसी विश्वास जरूरी है और ऐसी बैठकों की गोपनीयता का सम्मान किया जाना चाहिए।

CPI(ML) ने भी जताई चिंता

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि INDIA गठबंधन को केवल चुनावी मंच से आगे बढ़कर जनता के मुद्दों पर संयुक्त संघर्ष की रणनीति बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी अपना भाषण सार्वजनिक करना चाहते थे, तो पहले बैठक में शामिल सभी सहयोगी दलों से परामर्श किया जाना चाहिए था।

CPI का भी समर्थन

सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने कहा कि यदि एक नेता का भाषण सार्वजनिक किया जा रहा है, तो अन्य नेताओं के विचार भी सामने आने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि बैठक में कांग्रेस को लेकर भी कई सवाल और चिंताएं उठाई गई थीं।

RJD ने कहा- मतभेद स्वाभाविक

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राहुल गांधी के भाषण पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के गठबंधन में विचारों का अंतर स्वाभाविक है। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा के खिलाफ साझा एजेंडे पर सभी दलों को समन्वय के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

DMK का कांग्रेस पर हमला

इस बीच DMK ने कांग्रेस के प्रति अपना कड़ा रुख दोहराया है। राज्यसभा में DMK के फ्लोर लीडर तिरुचि शिवा ने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस के रवैये के बाद उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ कोई मंच साझा करने के पक्ष में नहीं है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ व्यापक विपक्षी एकता की लड़ाई में DMK अन्य सहयोगी दलों के साथ खड़ी रहेगी।

गठबंधन के सामने चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के खिलाफ प्रभावी मुकाबले के लिए INDIA गठबंधन को न केवल साझा रणनीति बनानी होगी, बल्कि सहयोगी दलों के बीच भरोसा और समन्वय भी मजबूत करना होगा। राहुल गांधी के भाषण को लेकर उठे विवाद ने गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया है।


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