Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

भारत-कनाडा यूरेनियम समझौते से पाकिस्तान परेशान, कहा—दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थिति बिगड़ सकती है

Published on: March 6, 2026
India-Canada Uranium Agreement

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : भारत और कनाडा के बीच हुए बड़े यूरेनियम समझौते पर पाकिस्तान ने चिंता जताई है। दोनों देशों ने 2 मार्च को 2.6 अरब डॉलर के ऐतिहासिक यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही भारत और कनाडा ने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) पर बातचीत को तेज करने पर भी सहमति जताई है।

इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह भारत और कनाडा के बीच दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौते और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर व एडवांस रिएक्टर तकनीक पर संभावित सहयोग को चिंता की नजर से देख रहा है।

पाकिस्तान ने क्या कहा

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह व्यवस्था नागरिक परमाणु सहयोग के क्षेत्र में एक खास देश के लिए बनाया गया अपवाद है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत का 1974 का परमाणु परीक्षण कनाडा द्वारा उपलब्ध कराए गए रिएक्टर से बने प्लूटोनियम के उपयोग से किया गया था, जिसके बाद ही न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) की स्थापना की गई थी।

बयान में कहा गया कि जिस देश की गतिविधियों के कारण वैश्विक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था बनाई गई, उसे अब विशेष व्यवस्था के तहत परमाणु सहयोग में अलग से पहुंच दी जा रही है

पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने अपनी सभी नागरिक परमाणु सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के दायरे में नहीं रखा है। कई परमाणु सुविधाएं अभी भी अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण से बाहर हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस समझौते के तहत परमाणु अप्रसार को लेकर कौन से ठोस आश्वासन दिए गए हैं

पाकिस्तान के मुताबिक इस समझौते से भारत अपनी परमाणु क्षमताओं को तेजी से बढ़ा सकता है, जिससे दक्षिण एशिया में रणनीतिक असंतुलन और गहरा हो सकता है।

क्या है भारत-कनाडा यूरेनियम समझौता

भारत और कनाडा के बीच हुई इस डील का उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए लंबे समय तक ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। समझौते के तहत कनाडा की कंपनी कैमेको (Cameco) भारत को 2027 से 2035 तक नौ वर्षों में 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी।

भारत ने 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को बड़ी मात्रा में यूरेनियम की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों देश स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और एडवांस रिएक्टर तकनीक के विकास में भी सहयोग करेंगे, जो भविष्य में बिजली उत्पादन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं।


Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

MLA on World Environment Day

विश्व पर्यावरण दिवस पर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने किया वृक्षारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Will run throughout June in the interest of farmers

किसानों के हित में जून भर चलेंगे विशेष कार्यक्रम, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दिए निर्देश

Electricity crisis and smart meter in Deoria

देवरिया में बिजली संकट और स्मार्ट मीटर के विरोध में AAP का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Illegal meat and fish shops in Deoria

देवरिया में अवैध मीट-मछली दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा, 6 दुकानें सील; अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

Ravi Lamichhane's grand welcome in Delhi

दिल्ली में रवि लामिछाने के भव्य स्वागत से नेपाल में राजनीतिक चर्चाएं तेज, भारत-नेपाल रिश्तों पर भी नजर

May visit India next month

अगले महीने भारत दौरे पर आ सकती हैं जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, पीएम मोदी से शिखर वार्ता की संभावना

Leave a Reply