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तरकुलवा में लंपी वायरस का कहर: झोलाछाप पशुपालकों की मजबूरी का उठा रहे फायदा

Published on: October 5, 2025
lumpy virus in tarkulwa

द देवरिया न्यूज़ : देवरिया जनपद के तरकुलवा विकास खंड क्षेत्र में लंपी वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीमारी ने न केवल पशुपालकों की नींद हराम कर दी है, बल्कि उनकी आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। बीमारी से जूझ रहे मवेशियों का हाल बेहाल है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप इस संकट की घड़ी में गरीब पशुपालकों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगने में लगे हुए हैं।

झोलाछाप कर रहे मनमानी

स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि जैसे ही लंपी वायरस का असर शुरू हुआ, वैसे ही गांव-गांव घूमकर झोलाछाप लोगों के घरों तक पहुँचने लगे। ये लोग इंजेक्शन और दवाइयों को “तुरंत असरदार इलाज” बताकर ऊंची कीमत वसूल रहे हैं। कई मामलों में नकली या अप्रभावी दवाइयों का इस्तेमाल होने से मवेशियों की हालत और बिगड़ रही है।

एक पशुपालक ने बताया, “हमारे पास विकल्प नहीं है। सरकारी पशु चिकित्सक समय पर गांव नहीं पहुँचते। मजबूरी में इन झोलाछापों से इलाज कराना पड़ रहा है।”

गांव-गांव फैली बीमारी

तरकुलवा ब्लॉक के सोनहुला रामनगर, कैथवलिया, जमुनी और जलुआ सहित कई गांवों में लंपी वायरल का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है। पशुपालकों के मुताबिक अधिकांश मवेशी संक्रमित हैं। पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर गांठें, दूध उत्पादन में भारी गिरावट और कई मामलों में मौत तक की स्थिति सामने आ रही है।

दूध उत्पादन पर असर

लंपी वायरस के चलते पशुओं का दूध उत्पादन लगभग आधा हो गया है। दुग्ध व्यवसाय से जुड़े ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी फैलने के बाद से उनकी आमदनी में भारी कमी आई है। “बीमारी के कारण कई मवेशी दूध देना बंद कर चुके हैं। इससे परिवार के भरण-पोषण में दिक्कत हो रही है,” एक ग्रामीण ने बताया।

प्रशासन और विभाग पर सवाल

पशुपालकों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न तो समय पर पशु चिकित्सक गांवों में पहुँच रहे हैं और न ही जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस लापरवाही का फायदा झोलाछाप उठा रहे हैं।

तात्कालिक जरूरत

ग्रामीणों की मांग है कि सरकार और पशुपालन विभाग तत्काल सक्रिय होकर प्रभावित गांवों में टीम भेजें। दवाइयों और वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए, ताकि मवेशियों की जान बच सके और पशुपालकों की आर्थिक परेशानी कम हो।


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