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सऊदी अरब में फांसियों का नया रिकॉर्ड, एक साल में 347 लोगों को दी गई मौत की सजा

Published on: January 2, 2026
New hanging in Saudi Arabia

द देवरिया न्यूज़,रियाद : सऊदी अरब में मौत की सजा दिए जाने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस साल अब तक फांसी की सजा का नया आंकड़ा सामने आ गया है। इसके साथ ही सऊदी अरब ने लगातार दूसरे वर्ष सालाना फांसियों के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। बढ़ती फांसियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चिंता और आलोचना को तेज कर दिया है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के कैंपेन ग्रुप रिप्रीव ने बताया है कि सऊदी अरब में मौजूदा वर्ष में अब तक कम से कम 347 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 345 थी। ग्रुप का कहना है कि निगरानी शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे “खूनी साल” साबित हुआ है। फांसी पाए लोगों में एक पत्रकार और विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार दो युवा भी शामिल हैं।

ड्रग्स मामलों में बढ़ी मौत की सजा

रिप्रीव के मुताबिक, फांसियों में तेज बढ़ोतरी का मुख्य कारण ड्रग्स से जुड़े अपराध हैं। इस साल दी गई कुल मौत की सजाओं में से करीब दो-तिहाई ड्रग्स मामलों से संबंधित हैं। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी है, जिन्हें सऊदी अरब के ‘ड्रग्स के खिलाफ युद्ध’ के तहत फांसी दी गई। संगठन की मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका प्रतिनिधि जीद बसयौनी ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था मानवाधिकारों का मजाक उड़ाती है और इसमें निर्दोष व हाशिये पर रहने वाले लोग भी फंस रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकेले 96 फांसियां सिर्फ हशीश से जुड़े मामलों में दी गईं।

पिछले तीन वर्षों में तेज हुई कार्रवाई

साल 2022 के अंत में ड्रग्स मामलों में मौत की सजा पर लगी एक अनौपचारिक रोक हटने के बाद से फांसियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस कदम पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने गहरी चिंता जताई है। वहीं, अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी सऊदी अरब के मानवाधिकार रिकॉर्ड को लगातार खराब बताया है। संगठन के रिसर्चर जॉय शी के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में फांसियों के बावजूद सऊदी नेतृत्व को कोई राजनीतिक कीमत नहीं चुकानी पड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि आमतौर पर फांसी से पहले दोषियों के परिवारों को सूचना तक नहीं दी जाती।

सऊदी अधिकारी आमतौर पर फांसी देने के तरीकों का खुलासा नहीं करते, हालांकि माना जाता है कि इसमें सिर कलम करना या फायरिंग स्क्वाड शामिल होता है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ डॉक्टर मॉरिस टिडबॉल-बिंज ने सऊदी अरब से फौरन फांसियों पर रोक लगाने की अपील की है।


इसे भी पढ़ें :  तरकुलवा : नया साल आ गया, थानाध्यक्ष बदल गए, लेकिन डीजे संचालक की मौत अब भी बनी रहस्य

         


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