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देवरिया के बरहज में अधिवक्ता की मौत पर सियासत तेज, सपा का प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में

Published on: April 30, 2026
Advocate in Deoria's Barhaj
द  देवरिया न्यूज़,देवरिया : बरहज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में वरिष्ठ अधिवक्ता और तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह की मौत का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बरहज तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने सख्ती से रोक दिया।

सपा नेताओं का आरोप है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में तहसील परिसर पहुंचने लगे।

स्थिति को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने एक दिन पहले ही एहतियातन कार्रवाई शुरू कर दी थी। बुधवार देर रात सपा जिलाध्यक्ष सहित कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इसके बावजूद गुरुवार सुबह से ही सपा नेता और कार्यकर्ता बरहज तहसील और बराई डाक बंगले की ओर जुटने लगे।

संभावित तनाव को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। तहसील परिसर और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, महिला पुलिस, फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीमें तैनात रहीं। मौके पर एसपी दक्षिणी सुनील सिंह, सीओ राजेश चतुर्वेदी समेत कई थानों की फोर्स मौजूद रही।

जैसे ही करीब तीन दर्जन सपा नेता तहसील गेट पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान हल्की नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर बसों से अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया। सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

दरअसल, यह मामला 5 अप्रैल का है, जब लक्ष्मीपुर गांव में चकनाली की जमीन पर सीसी रोड निर्माण को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता विजेंद्र सिंह इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान राजेश यादव और उनके समर्थकों से उनकी कहासुनी हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान विजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया था और कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान राजेश यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अब तक ग्राम प्रधान के दो पुत्रों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी राजेश यादव और अन्य नामजद अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

वहीं सपा ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते बरहज क्षेत्र में दिनभर तनाव और राजनीतिक हलचल बनी रही।


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