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इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो ने तिरुपति बालाजी मंदिर में किए दर्शन, टीटीडी ने किया सम्मान

Published on: February 1, 2026
Former President of Indonesia Joko

द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली/तिरुपति। इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश स्थित विश्वप्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने मंदिर पहुंचने पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और विशेष दर्शन की व्यवस्था कराई।

दर्शन के उपरांत टीटीडी अधिकारियों ने जोको विडोडो को मंदिर की परंपरा के अनुसार रेशमी वस्त्र, प्रसाद और भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह रंगनायकुला मंडपम में संपन्न हुआ। टीटीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ पूजा-अर्चना की।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक समावेशिता पर वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। इंडोनेशिया, जो वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, अपनी समृद्ध हिंदू और बौद्ध विरासत के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक रूप से यह देश कभी हिंदू और बौद्ध राजाओं के शासन में रहा है, जिसकी झलक आज भी वहां के मंदिरों, सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक ग्रंथों में देखने को मिलती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो के तिरुपति दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। मेजर सुरेंद्र पुनिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“पूर्व इंडोनेशियाई राष्ट्रपति श्री जोको विडोडो, जो मुस्लिम हैं, ने तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। यह सनातन धर्म की वैश्विक गरिमा और समावेशी प्रकृति का प्रमाण है।”

हालांकि, सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसे धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं।

हिंदू विरासत से जुड़ा रहा है इंडोनेशिया

गौरतलब है कि इंडोनेशिया को कभी “मुनियों का देश” भी कहा जाता था। यहां की आबादी लगभग 27 करोड़ है, जिनमें से अधिकांश मुस्लिम हैं। इसके बावजूद, यहां हिंदू संस्कृति की गहरी छाप आज भी मौजूद है। बाली द्वीप आज भी हिंदू परंपराओं का प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा, रामायण और महाभारत से जुड़ी कथाएं इंडोनेशियाई संस्कृति और कला में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जोको विडोडो का तिरुपति मंदिर में दर्शन करना भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करता है। यह घटना धार्मिक विविधता के बीच आपसी सम्मान और सह-अस्तित्व का एक सकारात्मक संदेश भी देती है।


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